छिंदवाड़ा .चिटफंड कम्पनी बीएन गोल्ड के मालिक गुरुशरण सिंह संधू और हीराला बेसना के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने मामला पंजीबद्ध किया है। कम्पनी ने निवेशकों को जमा राशि पर हर माह ब्याज देने के साथ ही तीन साल या पांच साल में दोगुना रुपया देने का झांसा देकर रुपए जमा कराए। कुछ लोगों को ब्याज भी दिया, लेकिन जब दोगुना रुपया देने की नौबत आई तो कर्मचारी दफ्तर समेटकर फरार हो गए। शहर में जिला अस्पताल के सामने बीएन गोल्ड का दफ्तार संचालित हो
रहा था।
दमुआ निवासी लीता पिता बाबूलाल मवंशी ने अभिकर्ता के माध्यम से बीएन गोल्ड चिटफंड कम्पनी में एक लाख रुपए जमा किए थे। कुछ माह तक 12 हजार रुपए ब्याज मिलता रहा, लेकिन एकाएक ब्याज मिलना बंद हो गए। लीता अभिकर्ता के पास पहुंचा तो उसे बताया गया कि कम्पनी दफ्तर बंद करके जा चुकी है।
लीता की शिकायत पर बीएन गोल्ड चिटफंड कम्पनी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला पंजीबद्ध किया गया है। बताया जा रहा है कि साईं प्रसाद, रोजवैली, साईंप्रकाश सहित अन्य चिटफंड कम्पनियों की तरह बीएन गोल्ड ने भी जिले से करोड़ों रुपए का निवेश आम लोगों से कराया है।
एसपी कार्यालय में दिया आवेदन
राष्ट्रीय आमजन पार्टी के एमपी विश्वकर्मा, रत्नेश शर्मा, विकास माहोरे के अलावा अन्य बीस लोगों ने बुधवार एसपी कार्यालय पहुंचकर तीन चिटफंड कम्पनियों के खिलाफ मामला दर्ज करने मांग की। एसपी कार्यालय में दिए गए आवेदन के मुताबिक सभी ने साईं प्रसाद प्रॉपर्टी लिमिटेड कम्पनी, साईप्रकाश प्रॉपर्टी डेवलपमेंट और चम्बल मालवा मल्टी स्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी दुकान क्रमांक 19 राजीव गांधी बस स्टैंड के खिलाफ मामला दर्ज करने मांग की है। हालांकि साईंप्रसाद के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है।
जुटा रहे ब्योरा
बीएन गोल्ड के खिलाफ कोतवाली थाना में मामला पंजीबद्ध किया जा चुका है। सभी चिटफंड कंपनियों की सम्पत्ति का ब्योरा जुटाया जा रहा है, ताकि निवेशकों को बाद में सम्पत्ति बेचकर रुपया लौटाया जा सके।
डॉ. जीके पाठक, एसपी, छिंदवाड़ा