30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बंद खदान का मुहाना धंसा

नार्थचांदामेटा में तीन दशक पूर्व भूमिगत कोयला खदान को बंद किया जा चुका है लेकिन वेकोलि प्रबंधन ने खदान के भीतर जाने का मुहाना ठीक से बंद नहीं किया।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

छिंदवाड़ा

•

image

Sanjay Kumar Dandale

•

Updated: 11 Feb 2018, 4:59 PM IST

Closed quarry valuation

Closed quarry valuation

हो सकता है हादसा
बंद खदान का मुहाना धंसा

परासिया. भमोड़ी ग्राम स्थित नार्थचांदामेटा में तीन दशक पूर्व भूमिगत कोयला खदान को बंद किया जा चुका है लेकिन वेकोलि प्रबंधन ने खदान के भीतर जाने का मुहाना ठीक से बंद नहीं किया। तीन माह पूर्व मुहाना के उपर का स्लैब क्रेक हो गया था जिसमें बडी दरारे आ गई थी।
स्थानीय निवासियों द्वारा प्रबंधन को सूचित करने के बाद फौरी तौर पर मुहाने के ऊपर
लोहे की प्लेट रखकर मिटटी का पुराव करा दिया गया था। अब यह मुहाना पूरी तरह धंस गया है और नीचे सैकड़ों फीट गहरा गड्ढा खुल गया है। अमित तिवारी ने बताया कि इस मुहाने से गैस का रिसाव हो रहा है। यहां आसपास आबादी क्षेत्र होने से जानवर एवं लोगों के गिरने की संभावना है। स्थानीय निवासी असलम खान, पूर्व सरंपच नारायण डेहरिया ने बताया कि वेकोलि प्रबंधन की लापरवाही से कभी भी बडा हादसा हो सकता है जिसमें गंभीर जनहानि हो सकती है।
किसानों के काटे बिजली कनेक्शन
पांढुर्ना. मप ्रपूक्षेविविकंलि के कर्मचारियों द्वारा ग्राम पंचायत हिवरासेनडवार के किसानों के घरेलू कनेक्शन काटे जा रहे है। जिससे ग्रामवासियों में रोष व्याप्त है। किसान विभाग की इस कार्रवाई पर आपत्ति उठाई तो कर्मचारी पूरे गांव की बिजली काटने की धमकी दे रहे है।
इस समस्या के चलते गांव में पंचायत की पेयजल आपूर्ति लडख़ड़ा गई है। कंाग्रेस किसान प्रकोष्ठ ने एसडीएम को ज्ञापन देकर इस कार्रवाई को तत्काल बंद करने की मांग की है। किसान प्रकोष्ठ के ब्लॉक अध्यक्ष हरनाम सिंह सेंगर ने बताया कि विभाग के कर्मचारी गांव वालों से अभद्र व्यवहार करते हुए उनके घरेलू कनेक्शन काट रहे है। जिन किसानों पर बिजली बिल बकाया है उनका कनेक्शन लेकिन जिनके बिल बकाया नहीं है उनके घर में अंधेरा करना कहां का न्याय है। बच्चों के परीक्षा का समय चल रहा है। इस ज्ञापन सौंपते समय भानुप्रताप बनमे, बंटी ठाकुर, रविन्द्र ठाकुर, भीमसिंह सेंगर आदि बड़ी संख्या ग्रामीण उपस्थित थे।