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कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने थपथपाई शिक्षकों और अधिकारियों की पीठ

शैक्षणिक समीक्षा करते हुए कहा- शिक्षकों और विद्यार्थियों की संयुक्त मेहनत होती है परीक्षा परिणाम

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Chhindwara Education

बैठक में मौजूद कलेक्टर व अन्य अधिकारी।

कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग की शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तारपूर्वक समीक्षा करते हुए कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने इस वर्ष आए परीक्षा परिणामों को देखते हुए शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शाबासी दी। उन्होंने कहा कि प्राप्त परिणाम इस बात का प्रमाण है कि जिले में शिक्षा की गुणवत्ता निरंतर ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। यह उपलब्धि शिक्षकों और विद्यार्थियों की संयुक्त मेहनत का परिणाम है, जो दर्शाता है कि जिले में अद्वितीय शिक्षण क्षमता मौजूद है। बैठक में विकासखंड शिक्षा अधिकारियों ने बताया कि शासकीय विद्यालयों के बेहतर परीक्षा परिणामों के कारण अब निजी विद्यालयों के छात्र भी शासकीय विद्यालयों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

शब्द नहीं बना सके छात्र तो होगी कार्रवाई

बीआरसी को निर्देशित किया गया कि सुनिश्चित करें कि कक्षा एक के छात्र अक्षर जोडकऱ शब्द बनाना सीखें। यदि ऐसा नहीं पाया गया तो कार्रवाई होगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि कक्षा 3, 4, 5 के बच्चे सरल हिंदी पढऩे में सक्षम हों। 15 अगस्त तक सभी बच्चों को हिंदी पढऩा तथा जोड़-घटाव का ज्ञान सुनिश्चित किया जाए। अतिथि शिक्षक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में विफल हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया जाए।

लगातार विद्यार्थियों की काउंसलिंग जरूरी

कलेक्टर ने बच्चों की काउंसलिंग पर विशेष बल देते हुए, शिक्षकों को जिला स्तरीय प्रशिक्षणों में सहभागिता के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए, ताकि शैक्षणिक गुणवत्ता और सुदृढ़ हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक विद्यालय में प्रतिदिन बच्चों से यह पूछा जाए कि बच्चे स्कूल क्यों आते हैं, जिससे उनकी सोच स्पष्ट हो और उनमें निरंतर मोटिवेशन बना रहे।