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Corona: मजाक बनी टेलीमेडिसिन चिकित्सा सेवा, जानें वजह

वीडियो हो या वॉइस कॉल नहीं मिलता कोई रिस्पांस, जिम्मेदार अधिकारी भी गंभीर नहीं

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छिंदवाड़ा/ नोवेल कोरोना वायरस संक्रमण से जंग में होम क्वारेंटाइन या क्वारेंटाइन सेंटर में रहने वालों की मदद के लिए प्रशासन तथा चिकित्सा अधिकारियों ने टेली मेडिसिन सुविधा बनाई तथा इसके लिए मोबाइल नम्बर 9424721580 भी जारी किया गया। लेकिन इस नम्बर से कभी कोई भी बात नहीं करता और न ही वीडियो कॉल का जवाब देता है।

पत्रिका टीम ने शनिवार को उक्त नम्बर पर कई बार कॉल किया, पर किसी ने रिस्पांस नहीं दिया। इसकी मोबाइल रिकार्डिंग सुरक्षित है। ऐसे में कोविड-19 समेत अन्य मरीजों को चिकित्सा सेवा प्रदान करना मजाक साबित हो रहा है। स्थिति यह है कि किसी भी समस्या के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रदीप मोजेस को उनके मोबाइल पर कॉल करने पर भी वे जवाब नहीं देते है।

उल्लेखनीय है कि शासन के निर्देशानुसार जिला मुख्यालय में मरीजों की मदद के लिए टेलीमेडिसिन सेवा यूनिट की स्थापना होनी है, जिसके तहत स्थानीय अधिकारियों ने सिर्फ कागजों पर ही उक्त सेवाएं प्रारंभ की है।


शासन के ये हैं निर्देश -


1. टेलीमेडिसिन यूनिट का दायित्व होम क्वारेंटाइन व्यक्तियों जिनमें संक्रमित होने की संभावना अधिक है, उनके स्वास्थ्य की सतत निगरानी करना।


2. कोविड-19 पोर्टल पर उपलब्ध सूची में शामिल होम क्वारेंटाइन व्यक्तियों से टेलीमेडिसिन यूनिट द्वारा सम्पर्क कर आवश्यकता अनुसार चिकित्सकीय परामर्श देना।


3. कोरोना संक्रमण के लक्षण मिलने पर सम्बंधित मरीज को तत्काल जिला की रिपेड रेसपोन्स टीम को सूचना देना।


4. यूनिट द्वारा प्रतिदिन एंट्री स्टेट कोविड पोर्टल पर अपलोड करना आदि गतिविधियां शामिल है।