एडीएम की रिपोर्ट के आधार पर दो समूहों की सामग्री अमान्य, तीसरे को वितरण करना बताया अव्यवहारिक
छिंदवाड़ा.नगर निगम के 13 मार्च को हुए सामूहिक विवाह में उपहार सामग्री की गुणवत्ता की जांच में एडीएम की रिपोर्ट के आधार पर दो समूहों की सामग्री को अमान्य कर दिया गया है तो वहीं तीसरे समूह को उनकी सामग्री का वितरण करना अव्यवहारिक बता दिया गया है। अब निगम इन उपहार की जगह शेष राशि चेक के माध्यम से संबंधित जोड़ों को देगा। इसका पत्र निगम आयुक्त ने संबंधित फम्र्स को जारी कर दिया है। जिसमें उन्हें अपनी सामग्री डेनियलसन कॉलेज से उठाने को कहा गया है।
इस पत्र के अनुसार मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के अंतर्गत निविदा के माध्यम से संबंधित फर्म के सामग्री की दर एवं मात्रा स्वीकृत की गई थी। जिसमें न्यूनतम मानक तय किये गए थे। सामग्री सैट तय मानको के अनुरूप प्रदाय करने आदेशित किया गया था। स्थल पर पहुंचाई गई सामग्री की जांच कलेक्टर की ओर से अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समिति ने की थी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर फर्म को अपना पक्ष रखने कारण बताओ सूचना जारी किया गया था। जवाब प्राप्त होने पर निगम ने समिति के समक्ष प्रतिपरीक्षण को भेजा। इस पर सामग्री वितरण के कुल तीन समूह में से दो समूह अमानक पाए गए। निगम आयुक्त ने इन दो समूह जैन बर्तन भंडार एवं अन्य को अपनी सामग्री भंडारित स्थल डेनियलसन कॉलेज से उठाने के निर्देश दिए गए। तीसरे समूह तिवारी इंटर प्राइजेस को उनकी सामग्री का वितरण व्यवहारिक नहीं होना बताया। आयुक्त ने कहा कि कोई भी सामग्री वर-वधुओं को वितरण नहीं किया जा सकता है। वर-वधु को उपहार सामग्री के स्थान पर चैक के माध्यम से शेष राशि प्रदान कि ए जाने का निर्णय लिया गया है। नगर पालिक निगम ने संबंधित निविदाकार को जारी प्रदाय आदेश निरस्त दिया है।
....
सामग्री की गुणवत्ता सहीं, हम कोर्ट की शरण लेंगे: तिवारी
इस तीसरे समूह तिवारी इंटरप्राइजेस के संचालक संजय तिवारी ने प्रतिक्रिया में कहा कि उनकी ओर से 1365 एलईडी टीवी, घड़ी, ट्रांजिस्टर और पंखे नगर निगम के शादी समारोह से पहले दे दिए गए थे। इसका मूल्य 10100 रुपए प्रति जोड़ा था। उनके समूह की सामग्री जांच में गुणवत्ता युक्त पाई गई थी। फिर भी उनके सामान को वितरण में व्यवहारिक नहीं बताए जाने का फैसला गलत है। उन्होंने कहा कि पहले चांदी के जेवर और कपड़े बांट दिए गए। इस पर भी सवाल उठाए गए थे। वे फर्म के साथ हुए अन्याय को लेकर कोर्ट की शरण लेंगे।
....
चांदी के जेवर और कपड़े पर उठा सवाल
सामूहिक विवाह में तुरंत कुछ जोड़ों को चांदी के जेवर और कपड़े बांट दिए गए थे। इस पर हाल ही में नेता प्रतिपक्ष विजय पाण्डे ने प्रेस कांफ्रेंस में सवाल उठाते हुए कहा था कि चांदी के जेवर गुणवत्ता में कम है और वधुओं को निम्न क्वालिटी तथा फटी हुई साड़ी दी गई थी। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि जिन फम्र्स ने इनकी सप्लाई की है, उनका भुगतान निगम करेगा या नहीं? इस पर निगम अधिकारी ने कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है।