23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पंचायत चुनाव: बिजली बिल बकाया तो चुनाव लडऩे के अयोग्य

पंचायत निर्वाचन में यदि बिजली बिल और ग्राम पंचायत की कोई राशि बकाया है तो उम्मीदवार चुनाव में भाग नहीं ले पाएगा। नियमों के अनुसार ग्राम पंचायत तथा विद्युत कम्पनी से अदेय प्रमाण पत्र नाम निर्देशन पत्र के साथ संलग्र करना अनिवार्य है।

2 min read
Google source verification
election.png

election

छिंदवाड़ा/परासिया. त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव की घोषणा होने के बाद ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक सरगर्मी बढऩे लगी है। हालांकि दो वर्ष पूर्व किए गए परिसीमन तथा आरक्षण निरस्त होने के कारण पिछले दो साल से क्षेत्र में मेहनत कर रहे दावेदारों को निराशा हाथ लगी है। वहीं वर्ष 2014 के आरक्षण पर पंचायत चुनाव कराए जाने से ग्रामीण जनप्रतिनिधियों को नए सिरे से उम्मीदवारों की जमावट करनी पड़ रही है। मामला न्यायालय में जाने के बाद दावेदारों में असमंजस की स्थिति भी बनी हुई है। पंचायत चुनाव दलीय आधार पर नहीं होते है । इसके बावजूद कांग्रेस और भाजपा अपने लोगों के बीच समन्वय बनाने में जुट गई है। राजनीतिक दलों का अधिक फोकस जनपद एवं जिला पंचायत सदस्यों को जिताकर लाने में है।
पंचायत निर्वाचन में यदि बिजली बिल और ग्राम पंचायत की कोई राशि बकाया है तो उम्मीदवार चुनाव में भाग नहीं ले पाएगा। नियमों के अनुसार ग्राम पंचायत तथा विद्युत कम्पनी से अदेय प्रमाण पत्र नाम निर्देशन पत्र के साथ संलग्र करना अनिवार्य है। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण वाले भी चुनाव लडऩे के अयोग्य हैं। आरक्षित वर्ग के लिए जाति प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समाप्त करते हुए विकल्प दिया गया है कि प्रमाण पत्र नहीं होने पर शपथ पत्र दिया जाए। पंच को नाम निर्देशन पत्र के साथ घोषणा पत्र और सरपंच, जनपद, जिला पंचायत सदस्य को शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा।
पांच ग्राम पंचायत, एक जनपद क्षेत्र घटा: जनपद पंचायत परासिया में परिसीमन निरस्त होने के बाद पुन: 91 ग्राम पंचायत अस्तित्व में आ गई है। इसके पहले पांच ग्राम खारापिंडरई, सतनूर, भोकई, बुदलापठार, बिछुआ पठार को पंचायत का दर्जा दिया गया था ।
इसी तरह जनपद पंचायत में एक क्षेत्र बढ़ाया गया था जो निरस्त होने के बाद फिर से 24 जनपद क्षेत्र हो गए हैं। चार जिला पंचायत सदस्यों का चुनाव होना है। वहीं एक हजार 461 पंच चुने जाएंगे। नए परिसीमन से तुमड़ी पंचायत में अजीबोगरीब स्थिति हो गई थी यह पंचायत अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित की थी जबकि इस गांव में एक भी आदिवासी मतदाता नहीं है।
हालांकि परिसीमन निरस्त होने के बाद यह फिर से अनुसूचित जाति के सरपंच पद के लिए आरक्षित हो गया है। विकासखंड में सबसे अधिक मतदाता इकलेहरा में है और सबसे कम मतदाता वाला ग्राम बेलगांव है। नाम निर्देशन पत्र जमा करने के लिए 17 कलस्टर बनाए गए है। फार्म 13 से 20 दिसंबर तक जमा किए जाएंगे। मतदान 28 जनवरी को सुबह 7 से दोपहर 3 बजे तक होगा।