
MPEB Electricity Complaint Number 1912
छिंदवाड़ा। बिजली के मीटर कनेक्शन की प्रक्रिया बिजली कम्पनी द्वारा इतनी पेचीदा कर दी गई है कि आज के समय में सामान्य व्यक्ति आसानी से मीटर कनेक्शन नहीं ले सकता। इसके चलते लोग परेशान तो होते ही हैं साथ ही धोखाधड़ी का भी शिकार हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है जिसमें उपभोक्ता ने दूसरे कनेक्शन के लिए स्मार्ट बिजली ऐप से आवेदन किया। जब मैसेज आने के बाद डिमंाड भुगतान किया तो वह दूसरे शहर के उपभोक्ता का डिमांड भुगतान में चढ़ गया। यानी छिंदवाड़ा के उपभोक्ता की जगह बालाघाट के उपभोक्ता का डिमांड भुगतान हो गया। बालाघाट के उस उपभोक्ता द्वारा टेम्परेरी कनेक्शन के लिए आवेदन किया गया था, जबकि छिंदवाड़ा के उपभोक्ता के हाथ कुछ नहीं आया। बल्कि उसे दूसरे कनेक्शन के लिए पूरी तरह से इनकार कर दिया गया।
2567 रुपए किया गया था डिजिटल भुगतान
चंदनगांव रहवासी मनेंद्र चौहान ने बताया कि उन्होंने स्मार्ट बिजली ऐप से 22 अक्टूबर को मीटर कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। जब एक महीने बाद भी कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला तो उन्होंने 1912 में शिकायत की। शिकायत करने के दो तीन दिनों बाद एक मैसेज मिला। इसमें एक आइडी के साथ उनके आवेदन, मोबाइल एवं पते की डिटेल दी गई थी। साथ ही भुगतान करने के लिए एक लिंक भी भेजी गई थी। इसके माध्यम से उन्हें 2567 रुपए डिमांड पटाने के लिए कहा गया था। उन्होंने डिमांड पटाकर जब चंदनगांव स्थित बिजली ऑफिस में जानकारी ली तो पता चला कि उनके द्वारा बालाघाट के किसी वेद प्रकाश दवाने के आवेदन का डिमांड चुकता हो गया। यहां के अधिकारियों ने उन्हें दूसरे कनेक्शन के लिए मना कर दिया। एक बार फिर 1912 में शिकायत की गई तो दूसरी आइडी के साथ फिर से डिमांड जमा करने की एक और लिंक भेज दी गई।
एक ही नंबर से 20 आवेदन
जिस वेद प्रकाश दवाने के डिमांड को छिंदवाड़ा के मनेंद्र चौहान ने पटाया, उसके मोबाइल नम्बर को जब स्मार्ट बिजली ऐप के ट्रैकिंग विकल्प में डाला तो एक ही नम्बर से अलग-अलग उपभोक्ताओं के डिटेल मिले। बिजली अधिकारियों से जब बात हुई तो उन्होंने इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए वेदप्रकाश दवाने की पड़ताल शुरू कर दी। बता दें कि वेदप्रकाश दवाने का नम्बर और जिस दूसरे मोबाइल नम्बर से मैसेज आ रहे हैं, उसमें फोन नहीं लग पा रहा है।
इनका कहना है
1912 में शिकायत के बाद आए मैसेज में मेरी डिटेल के साथ आए लिंक द्वारा मैंने डिमांड भुगतान किया, लेकिन डिमांड मेरा नहीं वेदप्रकाश दवाने का भुगतान हुआ है। 1912 व वह मैसेज देने वाले का कहीं कुछ तो सम्पर्क है।
मनेंद्र चौहान आवेदक
डिमांड भुगतान करने के लिए आवेदक की जगह किसी अन्य व्यक्ति की आइडी आवेदक के नाम पते के साथ मैसेज में दी गई है। यह गम्भीर मामला हो सकता है। इस मामले को आइटी विभाग को भेज दिया गया है। पड़ताल की जा रही है।
खुशियाल शिवंवशी, कार्यपालन अभियंता शहर सम्भाग
Published on:
23 Dec 2021 10:47 am

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