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कन्हान क्षेत्र का अस्तित्व खतरे में, नई खदानों की जरूरत

पुरानी खदानों के बंद होने और नई खदानों के खुलने में देरी के कारण कन्हान क्षेत्र का अस्तित्व खतरे में है। यहां की अर्थव्यवस्था समाप्त होने के कगार पर है। वर्तमान में यहां दो भूमिगत खदान हैं।

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coal production: बाधा दूर, जल्द शुरु होगा कोयले का उत्पादन

coal production: बाधा दूर, जल्द शुरु होगा कोयले का उत्पादन

छिंदवाड़ा/परासिया. इंटक पेंच कन्हान के अध्यक्ष एवं विधायक सोहन वाल्मीकि ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को पत्र लिखकर कोयलांचल की स्थिति से अवगत कराते हुए नई कोयला परियोजनाओं के प्रारंभ कराने की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि पुरानी खदानों के बंद होने और नई खदानों के खुलने में देरी के कारण कन्हान क्षेत्र का अस्तित्व खतरे में है। यहां की अर्थव्यवस्था समाप्त होने के कगार पर है। वर्तमान में यहां दो भूमिगत खदान हैं। जिसमें लगभग दो हजार कामगार कार्यरत हैं। शारदा परियोजना में कोयला उत्पादन शुरू होने में और अधिक समय लग सकता है। ऐसी स्थिति में प्रस्तावित दो भूमिगत तथा दो ओपन कास्ट खदानों को शीघ्र नहीं खोला गया तो क्षेत्र उजड़ जाएगा।
कन्हान में चार नई भूमिगत तथा ओपन कास्ट खदान को शुरू करने के लिए कमलनाथ ने वेकोलि के सीएमडी को पत्र लिखा है। कन्हान में चार नई खदान मोहन ओसीएम फेज 5, नारायणी ओसीएम, भाखरा एवं धाउ भूमिगत खदान प्रस्तावित है। जिसे कोयलांचल के हित में शीघ्र प्रारंभ करना आवश्यक है।

खनिज विभाग ने वेकोलि से मांगे बकाया 51 करोड़
परासिया. खनिज विभाग ने वेकोलि पेंच एवं कन्हान की बंद तथा चालू खदानों से बकाया 51 करोड रूपए जमा कराने के लिए कहा है। वेकोलि ने वर्ष 2013 से 2020 तक की राशि जमा नहीं की है। प्रशासन इसके लिए कई बार नोटिस जारी कर चुका है । जिला कलेक्टर ने नोटिस जारी कर वेकोलि को शीघ्र राशि जमा करने का अल्टीमेटम दिया है। गौरतलब है कि परिवहन विभाग को भी टैक्स वसूलने की लिए काफी मशक्कत करनी पडी थी। परिवहन विभाग ने पेंच कन्हान प्रबंधन से वाहनों की सूची जमा कराने के लिए कहा है।