
छिंदवाड़ा शहर के व्यस्ततम क्षेत्र पावर हाउस के पास से एक मादा कॉमन ट्रिनकेट सर्प को सोमवार रात लगभग एक बजे रेस्क्यू किया गया। चूंकि उस समय मध्यरात्रि थी, इसलिए उसे प्राकृतिक स्थल पर छोड़ा नहीं जा सका।
रेस्क्यू के बाद जब सर्प को एक सुरक्षित डिब्बे में रखा गया, तो उसने वहीं सात अंडे दे दिए। नगर निगम में पदस्थ वार्ड दरोगा एवं सर्पमित्र हेमंत गोदरे ने बताया कि वर्तमान समय कोबरा, रेट स्नेक (धामन) और कॉमन ट्रिनकेट जैसे सर्पों का प्रजनन काल है। ऐसे में इन अंडों और मादा सर्प को विशेष निगरानी में रखा जाएगा ताकि अंडों को नुकसान न हो और सर्प शिशुओं का सुरक्षित रूप से जन्म हो सके।
उन्होंने बताया कि कॉमन ट्रिनकेट एक बेहद शांत स्वभाव का, गैर-जहरीला और मानव के लिए बिल्कुल भी घातक न होने वाला सर्प है। यह चूहे, छिपकली और जहरीले कीट-पतंगों की संख्या को नियंत्रित करता है, जिससे पर्यावरण का संतुलन बना रहता है। ऐसे सर्पों की मौजूदगी से जैव विविधता को संरक्षण मिलता है और यह मानव समाज के लिए लाभदायक साबित होते हैं।
Updated on:
25 Jun 2025 12:16 pm
Published on:
25 Jun 2025 12:16 pm
