मध्य प्रदेश में किसान यूरिया, डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे हैं। उत्पादन बढ़ाने की होड़ में रसायनों का अंधाधुंध प्रयोग हो रहा है। इसका दीर्घकालिक असर खेती की गुणवत्ता, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर देखने को मिल रहा है। यूरिया में नाइट्रोजन की मात्रा अधिक होती है, जिससे पौधे तेजी से हरे-भरे होते हैं। लेकिन जब इसे जरूरत से ज्यादा डाला जाता है, तो मिट्टी की संरचना बिगड़ जाती है। इसकी अधिकता से मिट्टी की अम्लता बढ़ती है, लाभकारी सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं और खेत की उपजाऊ शक्ति घटती जाती है।