सेवंती और रजनीगंधा के फूलों से श्रद्धालुओं की डिमांड पूरी की जा रही है
छिंदवाड़ा. मंदिर में पूजा करने के लिए यदि पहले से आपने फूल या माला का ऑर्डर नहीं दिया तो एक वक्त पर हो सकता है भगवान को अर्पित करने के लिए आप को फूल न मिलें। शहर में इन दिनों फूलों की डिमांड एकाएक बढ़ गई है इसलिए ऐसी स्थिति बनी है। मांग बढ़ी है तो फूलों के दाम भी अचानक बढ़ गए हैं। गुलाब का फूल सौ रुपए किलो पहुंच गया है। गुलाब का एक छोटा सा फूल दस रुपए में मिल रहा है तो गुलाब के फूलों की माला 150 से 200 रुपए में। गेंदा तो बाजार में अभी आया नहीं है। सेवंती और रजनीगंधा के फूलों से श्रद्धालुओं की डिमांड पूरी की जा रही है।
यूं तो अब चार महीने तक धार्मिक आयोजनों और पूजा पाठ के आयोजन लगातार चलने वाले हैं, ऐसे में फूलों की मांग कम नहीं होने वाली, लेकिन श्रावण के महीने में शिव अभिषेक के लिए इनकी मांग सबसे ज्यादा है।
बेलपत्र, अकोना के फूल भी मांग में:
बाजार में इस महीने सबसे ज्यादा मांग बेलपत्र और अकोना के फूल की है। महादेव के अभिषेक के लिए बेलपत्र बेहद खास है। कुछ लोगों ने तो महीने भर के बेलपत्र की चंदी लगा दी है।
धतूरे के फल और अकोना के फूलों को भी इस मौसम में ढूंढना मुश्किल हो रहा है। शिवपूजा के समय इन्हें अर्पित करने का खास महत्व है।
नागपुर से आ रहा गुलाब और रजनीगंधा
सबसे ज्यादा डिमांड इन दोनों फूलों की है, लेकिन बाजार में फूलों की दुकानों पर किसी समय ढेर लगने वाले ये फूल बेहद कम मात्रा में दिख रहे हैं। फूल विक्रेताओं का कहना है कि 40 से 50 रुपए में बिकने वाला यह फूल आज 100 रुपए किलो खरीदना पड़ रहा है। रजनीगंधा की एक डाल दो रुपए में मिल रही है। ये दोंनों जिले में नहीं होत। इसलिए बाहर से मंगाना पड़ रहा है, लेकिन बाजार में डिमांड बराबर बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर सिर्फ सेवंती ही होती है, लेकिन बारिश के दिनों में यह जल्द खराब भी हो जाता है। खरीदार ताजे फूल देखकर खरीदते हैं।