
छिंदवाड़ा . जिला अस्पताल के आईसीसीयू वार्ड में चूहे द्वारा मरीज के पैर कुतरने के मामले में कलेक्टर जेके जैन ने सोमवार को सख्ती दिखाई। एक स्टाफ नर्स को सस्पेंड कर एक ठेका कर्मचारी को हटाया गया जबकि दो डॉक्टर और एक इंचार्ज नर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब न पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
एक को सस्पेंड, एक को हटाया, तीन को नोटिस
एडीएम आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि आईसीसीयू वार्ड में लापरवाही के मामले में स्टाफ नर्स योगेशवरी डेहरिया को सस्पेंड, सफाई कर्मी रोहन कुमार को बर्खास्त किया गया है। वहीं विभाग प्रभारी डॉ. अजय मोहन वर्मा, आरएमओ डॉ. सुशील दुबे तथा इंचार्ज नर्स सरोज इमानवैल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। गौरतलब है कि जिला अस्पताल के आईसीसीयू वार्ड में १३ अक्टूबर २०१७ को बीपी और ब्लड शुगर की मरीज खापाभाट निवासी वृद्ध महिला शांतिराज के दोनों पैरों को चूहे ने कुतर लिया था।
इससे गहरे घाव बन गए थे। शुगर की मरीज होने से पीडि़ता की तबीयत ज्यादा बिगडऩे लगी थी। पत्रिका ने इस लापरवाही को लगातार प्रकाशित कर प्रशासन तथा जिम्मेदार चिकित्सा अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया था। वहीं मामले को गम्भीरता से लेते हुए कलेक्टर जैन ने एडीएम को जांच करने के निर्देश दिए थे। हालांकि इस कार्रवाई में छोटे कर्मचारियों पर सख्ती और अधिकारियों को सिर्फ नोटिस दिए जाने से कई सवाल उठ रहे हैं।
अभी भी चूहों का आतंक
इस मामले में जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई तो कर दी है, लेकिन आईसीसीयू वार्ड में चूहों का आतंक अब भी बना हुआ है। हालांकि इस संदर्भ में चिकित्सा अधिकारियों ने कृषि विभाग तथा अन्य से मदद मांगी थी। इसके अलावा छिंदवाड़ा तथा नागपुर की एक संस्था द्वारा चूहों को वार्ड से बाहर निकालने के लिए १६ लाख रुपए का प्रस्ताव सिविल सर्जन को भेजा गया था। बजट अधिक होने से विभाग अब तक कोई निर्णय नहीं ले पाया है। न ही इसके लिए कोई वैकल्पिक उपाय किया गया।
Published on:
31 Oct 2017 12:06 pm

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