
दीनदयाल रसोई में भोजन करने पहुंचे जरूरतमंद।
शहर में दीनदयाल अन्न योजना से संचालित तीन रसोईघरों के लिए नगर निगम ने एक करोड़ रुपए का बजट मांगा था। उसमें से केवल तीस लाख रुपए नगर निगम को मिले। ये राशि फिलहाल तीन रसोई घर संचालकों के पास पहुंच गई है। रसोईघर संचालकों को बढ़ते सरकारी उधार को सामाजिक दान से समायोजित करना पड़ रहा है।वर्ष 2023 तक रसोईघर में रियायती भोजन दाल, चावल, सब्जी, रोटी दस रुपए में मिलती थी। इस पर सरकारी अनुदान पांच रुपए थाली था। इसके बाद सरकार ने विधानसभा चुनाव 2023 के समय दस रुपए की बजाय पांच रुपए प्रति थाली कर दी। साथ ही सरकारी अनुदान पांच रुपए की बजाय दस रुपए कर दिया।
फिलहाल छिंदवाड़ा शहर में तीन रसोईघर गुरैया सब्जी मण्डी, जिला अस्पताल और दीनदयाल रसोई गांधीगंज तथा एक चलित रसोई घर संचालित है। इनसे प्रतिदिन हजारों गरीब वर्ग के लोग भोजन करते हैं। इन रसोई घरों को अनुदान राशि पिछले एक साल से न मिलने की दशा में सरकार को एक करोड़ की मांग का प्रस्ताव भेजा। इस पर सरकार ने केवल 30 लाख रुपए का बजट पहुंचाया। यह राशि संबंधित तीन रसोई घर संचालकों को भेज दी गई है। फिर भी उनका उधार कम नहीं हुआ है। वे मुश्किल से इस योजना का संचालन कर पा रहे हैं। इसके लिए सामाजिक दान पर आश्रित हैं, तो सब्जी मण्डी की सब्जियां ले रहे हैं।
पीएम स्ववित्त योजना में जरूरतमंद छोटे व्यवसायियों को ऋण राशि देने का उल्लेख केन्द्र सरकार के बजट में किया गया था, लेकिन अब तक इसका पोर्टल शुरू नहीं किया गया है। इससे लोग आवेदन नहीं कर पा रहे हैं और न ही योजना के
ऋण वितरित हो रहे हैं। सरकार के बजट प्रावधान के बाद इस पर सरकारी पत्र जारी नहीं हो पाया है।
इनका कहना है
दीनदयाल रसोई घर संचालित करने एक करोड़ रुपए बजट की मांग की गई थी। इस पर राज्य शासन की ओर से 30 लाख रुपए की राशि मिली। इस राशि को व्यवस्थित तीन रसोई घर संचालकों को दे दी गई है।
-उमेश पयासी, परियोजना प्रभारी दीनदयाल रसोई योजना शहर
Published on:
14 May 2025 11:04 am
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