छिंदवाड़ा. प्रशासन की बेरुखी का दंश झेल रही दिव्यांग छात्रा चार माह से ट्राइसिकल पाने के लिए शासकीय कार्यालयों का चक्कर काट रही है। स्थानीय प्रशासन से लेकर सामाजिक न्याय विभाग तक का कोई भी अधिकारी उसकी मदद करने में नाकाम साबित हुआ है। अब दिव्यांग छात्रा जनआशीर्वाद रैली के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से ट्राइसिकल की मांग करेगी। छात्रा अनामिका का कहना है कि जब शिवराज सिंह स्वयं कहते हैं कि वे बेटियों के ‘मामा’ हैं तो वहे जरूर उसकी मदद करेंगे।
अधिकारियों की बेरुखी का शिकार दिव्यांग
दरअसल, जुन्नारदेव विकासखंड के नजरपुर अंतर्गत ग्राम मवाशी ढाना रहने वाली दिव्यांग छात्रा अनामिका शासकीय प्राथमिक-माध्यमिक स्कूल नजरपुर में पढ़ती है। वह चल नहीं सकती। स्कूल पहुंचने के लिए उसे करीब दो किमी का रास्ता तय करना पड़ता है। इसमें उसे काफी परेशानी होती है। ग्राम पंचायत, स्थानीय प्रशासन से लेकर उच्चाधिकारियों से ट्राइसिकल की मांग कर चुकी छात्रा को हर किसी ने आश्वासन दिया, लेकिन अब तक उसकी मदद किसी ने नहीं की है।
इस संदर्भ में पत्रिका ने छात्रा की समस्या को लेकर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित कर अधिकारियों का ध्यान भी आकर्षित कराया था।
एक सप्ताह का मिला था आश्वासन
सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों ने ट्राइसिकल समेत अन्य उपकरणों को जैम पोर्टल के माध्यम से खरीदने की समस्या बताई थी तथा एक सप्ताह में वैकल्पिक व्यवस्था से ट्राइसिकल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। मामले में काफी समय बीत जाने के बाद भी छात्रा भटक रही है।