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महंगाई…आम आदमी की आय जस की तस, इन वस्तुओं के बढ़ गए दाम

-सरकार की तमाम योजनाएं भी निचले वर्ग को नहीं दे रही महंगाई से राहत

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छिंदवाड़ा.खाद्य पदार्थो और सब्जियों में आसमान छूती महंगाई में आम आदमी की कमाई आधी पड़ रही है। सरकार की तमाम योजनाएं भी महंगाई से राहत नहीं दे रही है। इसके चलते पिछले पांच साल में २ लाख की आबादी राशन दुकानों से मुफ्त अनाज लेने वाले गरीबों की सूची में जुड़ी है। इससे गरीबी की बढ़ती खाई को समझा जा सकता हैं।
चिल्हर किराना दुकान से सूची ली जाए तो इस समय गेहूं के दाम ३३ रुपए किलो से नीचे नजर नहीं आ रहे हैं। सामान्य आटा ४० रुपए तक पहुंच रहा है। चावल ६० रुपए किलो देखा जा सकता है। तुअर दाल के भाव १४०-२०० रुपए किलो हैं तो वहीं सोयाबीन तेल १२५ रुपए के आसपास है। इसके अलावा सब्जियों के मसाले हल्दी, मिर्च, जीरा समेत अन्य का भाव भी पहले से अधिक हो गया है। कुल मिलाकर एक सामान्य परिवार के किराना का सामान में औसत रूप से एक हजार रुपए की वृद्धि हुई है। सामान्य परिवार पर किराना सामान में ही महंगाई को देखा जा सकता है। निचले और मध्यम वर्ग को इस महंगाई से काफी तकलीफ हो रही है।
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सब्जियों के भाव कम होने की जगह ज्यादा
आम तौर ठंड का मौसम सब्जियों के दाम में गिरावट का माना जाता है। इस बार सब्जियों में आलू-टमाटर ४० रुपए किलो से नीचे नहीं आ पा रहे हैं। फूलगोभी, पत्ता गोभी, बैगन, शिमला मिर्च समेत अन्य सब्जियों के भाव भी ५०-६० रुपए किलो बिक रहे हैं। किसान इसका कारण अक्टूबर में हुई बारिश से सब्जियों की फसल न होना बता रहे है। अभी तक हरी मटर बाजार में देखी नहीं जा रही है। कुछ आ रही है तो उसके भाव १०० रुपए किलो से नीचे नहीं बताए गए हैं। किसान दिसम्बर में सब्जियों के रेट कम होने की बात कह रहे हैं।
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आम परिवार महंगाई से त्रस्त, मासिक आय हो गई कम
खाद्य पदार्थ, मसाले और सब्जियों में महंगाई इस कदर है कि आम आदमी की कमाई कम पड़ रही है। रोजगार के साधन पुराने और सीमित है। केन्द्र और राज्य सरकार कृषि, पशुपालन, लघु उद्योग तथा शहरी क्षेत्र में उद्यमी ऋण योजनाएं चला रही है। महिलाओं को लाड़ली बहना १२५० रुपए मासिक और किसानों को सम्मान निधि २००० रुपए भी दे रही है। फिर भी आम परिवारों की दशा नहीं सुधर पा रही है। खान-पान की चीजों से लेकर सेवाओं के मूल्यों में वृद्धि बताती है कि इस महंगाई से उनका जीवन मुश्किल में आ गया है।
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राशन लेने वालों की संख्या में वृद्धि, आनेवाले में बाइक सवार ज्यादा

सरकारी राशन लेनेवालों की सूची में इस समय छिंदवाड़ा और पांढुर्ना जिले के ३.७२ लाख परिवार है। जिनकी जनसंख्या १७ लाख के आसपास है। विसंगति यह है कि गरीबी रेखा की खाई बढ़ती जा रही है। इस पर मुफ्त अनाज लेनेवाले लोग साइकिल से कम, मोटर साइकिल से ज्यादा आ रहे हैं।
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