
- हर बार किसान, हम्माल व व्यापारी होते हैं परेशान
कृषि उपज मंडी कुसमेली में दो माह बाद अक्टूबर से मक्का की आवक शुरू हो जाएगी। यह पहली बार होगा जब मक्का की दरें अपने रेकॉर्ड स्तर पर होंगी। इसलिए इस वर्ष मंडी में किसानों और मक्का की आवक के लिए न सिर्फ अतिरिक्त जगह की जरूरत होगी, बल्कि सुरक्षा एवं अधिक सावधानी भी बरतनी होगी। बारिश के दिनों में मंडी के पास अधिक काम काज नहीं होता, इसके बावजूद मंडी प्रबंधन अपनी सुस्त चाल से काम कर रहा है। इस दौरान मंडी को अतिरिक्त शेडों के निर्माण के प्रस्ताव सहित मंडी परिसर के गड्ढों को भी बंद करने पर ध्यान देना चाहिए। मंडी प्रबंधन की ऐसी हीलाहवाली के कारण मंडी में किसान, हम्माल एवं व्यापारी तीनों ही परेशान होते हैं।
कृषि उपज मंडी कुसमेली में कभी इलाहाबाद बैंक की शाखा थी, लेकिन उसके बंद होने के बाद आज तक अन्य कोई बैंक नहीं खुला। मंडी में सरकारी बैंक की मौजूदगी से किसान और व्यापारी की धनराशि सुरक्षित रहती है। मंडी में आज तक उठाव की समस्या हल नहीं हो सकी है। किसानों को अक्सर खुले परिसर में अपनी उपज ढेर करनी पड़ती है। इस कारण मंडी में खुले परिसर से अधिक शेडों की जरूरत है। मंडी गेट में वाहनों की आवाजाही के लिए अक्सर मुख्य गेट के बगल से अतिक्रमण कर बनी दुकानों से परेशानी हो रही है। शेडों की रिपेयरिंग से लेकर अतिरिक्त रोशनी की व्यवस्था की भी जरूरत है। छिंदवाड़ा अनाज व्यापारी संघ अध्यक्ष प्रतीक शुक्ला ने बताया कि मंडी शेड बनाने के पूर्व अप्रूवल आदि के लिए यही समय था। इसमें देरी मंडी के अच्छे भविष्य के लिए बाधक है।
पिछले सप्ताह मंडी बोर्ड से अनुमति मिलने के बाद कुसमेली कृषि उपज मंडी की बाउंड्रीवॉल का निर्माण शुरू हो चुका है। मंडी की सुरक्षा के लिए आड़ी तिरछी पहाड़ी पर बन रही बाउंड्रीवॉल बनाने में बारिश के साथ मंडी की भौगोलिक स्थिति आड़े आ रही है। मंडी इंजीनियर संदीप बोरकर ने बताया कि मंडी में बची हुई सीसी सडक़ एवं बाउंड्रीवॉल का निर्माण शुरू हो चुका है। काम लगातार होगा और निर्धारित समय पर पूरा कर दिया जाएगा। इस बाउंड्रीवॉल के बनने से मंडी कम से कम चारों ओर से भी सुरक्षित हो जाएगी।
व्यापारी संघ अध्यक्ष प्रतीक शुक्ला ने बताया कि मंडी के काम का मुख्य आधार हम्माल हैं और वे लगातार काम करते रहते हैं। जब उनका अवकाश होता है तब शासकीय अवकाश भी होता है। इससे वे न सिर्फ रजिस्ट्रेशन से वंचित रह जाते हैं, बल्कि शासन की योजना के लाभ के लिए प्रक्रिया भी पूरी नहीं कर पाते हैं। मंडी में काम कर रहे हम्मालों के रजिस्ट्रेशन के लिए एकल काउंटर होने के साथ-साथ उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जानी चाहिए।
Published on:
05 Aug 2024 11:33 am

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