अंचल में ज्यादा बारिश के कारण मक्के की फसल बर्बाद हो गई है। ग्राम रायबासा में उमेश चौधरी के खेत में डेढ़ एकड़ में खड़ी मक्के की फसल लगातार हुई बारिश के कारण जमीन पर बिछ गई। किसान ने खराब हुई फसलों का सर्वे करा मुआवजा प्रदान देने की मांग की है।
छिंदवाड़ा/पांढुर्ना. अंचल में ज्यादा बारिश के कारण मक्के की फसल बर्बाद हो गई है। ग्राम रायबासा में रीमा पति उमेश
चौधरी के खेत में डेढ़ एकड़ में खड़ी मक्के की फसल दो लगातार हुई बारिश के कारण जमीन पर बिछ गई। किसान ने खराब हुई फसलों का सर्वे करा मुआवजा प्रदान देने की मांग की है। गोटमार के दिन तेज बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। गुरुवार रात से शुक्रवार रात तक मेघ बरसते रहे। क्षेत्र के नदी नाले उफान पर आ गए। जाम व चंद्रभागा नदी में जलस्तर बढ़ गया। पुलिया पर पानी बहने के कारण आवागमन में दिक्कत हुई। तहसील कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार लगभग 4 इंच बारिश दर्ज की गई। अब तक कुल 790 मिमी बारिश हो चुकी है। पंढरी वार्ड में चन्द्रभागा नदी के पास स्थित ट्यूबवेल से स्वत: ही पानी निकलने लगा। पिछले साल भी अधिक बारिश के बाद इसी ट्यूबवेल से पानी निकलने लगा था। लिंगा सहित अंचल में खेतों में खड़ी फसलें जमीन पर बिछ गई। मक्का व सोयाबीन फसल को अधिक नुकसान हुआ। खेतों में पानी भरने से सोयाबीन की फसल के खराब होने की आशंका है। मानसून के अंतिम दौर में बारिश हुई तो फसलों के बचने की उम्मीद जागी थी, लेकिन शुक्रवार को हुई बारिश फसलों के लिए नुकसानदेह मानी जा रही है। किसानों ने सर्वे करा प्रशासन से मुआवजा देने की मांग की।