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पांढुर्ना . मुख्यालय से 80 किमी दूर महाराष्ट्र की उपराजधानी नागपुर में कोरोना का मरीज मिलने के बाद पांढुर्ना में इस महामारी को लेकर दहशत का वातावरण पैदा हो गया है। एक ओर जहां प्रशासन ने सामुहिक सभाओं व कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की मायूसी के कारण लोग परेशान है।
विभाग ने सावधानी तो दूर लोगों को इससे बचाव के उपाय बताकर लोगों के मन से भय का वातावरण खत्म करने के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाएं है। टीवी चैनलों और सोशल मीडिया से मिल रही बचाव के उपायों को मानकर लोग शहर की मेडीकल स्टोर्स पर मास्क और सेनिटाईजर खरीदने के लिए पहुंच रहे है परंतु सेनिटाइजर तो नहीं मिल रहा है उल्टा मास्क को महंगा कर बेचा जा रहा है। जिसके विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। इन दिनों सरकारी और प्राइवेट स्कूलों स्कुलों में परीक्षाएं चल रही है।
कुछ प्रायवेट स्कूलों ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से मास्क पहनकर आने के लिए आदेश जारी किये है। परंतु बाजारों में 7 रुपए का मास्क 20 रुपए में बेचा जा रहा है। इसका विरोध भी नहीं हो पा रहा है क्योंकि कोरोना का डर दिखाकर कंपनी वालों के द्वारा ही महंगे मास्क बेचने की बात कहकर मेडीकल स्टोर्स संचालक पल्ला झाड़ रहे है।
शहर की कुछ प्राइवेट स्कूलों ने अपनी परीक्षाएं रद्द कर दी है। स्कूल संचालको का मानना है कि जब बच्चें सुरक्षित रहेंगे तब परीक्षाएं ले लेंगे। बताया जा रहा है कि मौसम का तापमान बढऩे से रोग का असर कम होगा। गर्मी बढ़ते ही रोग से मुक्ति मिलेगी। इसके बाद परीक्षाएं आयोजित कर ली जाएगी। कोरोना वायरस से बचने के लिए परीक्षाएं रद्द कर आगामी आदेश का इंतजार करने के लिए कहा गया है।
Updated on:
16 Mar 2020 05:10 pm
Published on:
16 Mar 2020 05:10 pm
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