26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

mukhyamantri kanya vivah yojana : सरकारी शादी से मोहभंग

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के लिए कम आए आवेदन

2 min read
Google source verification
confusion_on_akshaya_vivah.jpg

confusion on Akshay Vivah

छिंदवाड़ा. मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना (mukhyamantri kanya vivah yojana) के अंतर्गत छिंदवाड़ा नगर निगम क्षेत्र में 14 दिसंबर को विवाह सम्मेलन होना है। शादी के लिए आवेदन की प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है, जहां बीते वर्षों तक पंजीयन का आंकड़ा हजारों पहुंच जाता था, इस बार 100 भी पार नहीं कर सका है। दरअसल, नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत करीब सवा सौ लोगों ने योजना कार्यालय से फॉर्म तो लिया, लेकिन आधे ने जमा नहीं किया, जबकि कुछ फॉर्म वैरीफिकेशन के लिए वार्ड मोहर्रिर के पास हैं। करीब 56 आवेदकों के फॉर्म सोमवार की स्थिति में ऑनलाइन किए जा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि विवाह के लिए आवेदन फॉर्म लेने की अंतिम तारीख 30 नवंबर थी, लेकिन लोगों की सहूलियत को देखते हुए तीन दिसंबर तक आवेदन फॉर्म दिए गए। कर्मचारियों ने बताया कि सोमवार से आवेदन फॉर्म वितरित नहीं किए जा रहे हैं। सिर्फ पहले दिए गए आवेदन ही मंगलवार की शाम तक लिए जाएंगे। जहां निगम में विवाह के लिए हितग्राहियों की संख्या 56 पहुंची है, वहीं जनपद पंचायत छिंदवाड़ा से भी हितग्राहियों की संख्या काफी कम हुई है। 59 ग्राम पंचायतों में से कुल आठ जोड़ों के आवेदनों को ऑनलाइन किया गया है।

गर्मी में होते हैं ज्यादा विवाह
विगत तीन साल पहले निगम के पोला ग्राउंड पर आयोजित विवाह सम्मेलन में करीब तीन हजार से अधिक जोड़े विवाह के लिए शामिल हुए थे। इस बार यह संख्या 100 के पार भी नहीं गई। इसकी मुख्य कारण शीत ऋतु बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि ज्यादातर गरीब, किसान, मजदूर वर्ग रबी के सीजन में अपनी खेती-किसानी में लगे हुए हैं। यदि गर्मी में यह आयोजन होता तो पंजीयन हजारों से ज्यादा होता। इसके अलावा कुछ लोगों का मानना है कि 14 दिसंबर के पहले पूस का माह लगने के कारण ज्यादातर परिवार इन दिनों में शुभ कार्य करना पसंद नहीं करते हैं। इस कारण आवेदन फॉर्म ले जाने के बावजूद फॉर्म जमा करने नहीं आए।

निकायों की सीमाओं का बंधा दायरा
पिछले विवाह सम्मेलन में जिले के अंतर्गत किसी भी निकाय के वर या वधू को निगम के माध्यम से आयोजित विवाह सम्मेलन में शामिल होने की अनुमति थी। सीमाओं का दायरा नहीं था, जिससे दूसरे निकायों एवं जनपदों के हितग्राही जोड़े भी शामिल हो गए थे। वहीं इस बार सभी निकायों में विवाह सम्मेलन आयोजित हो रहे हैं, संबंधित निकाय के युवक एवं युवतियों को अपने ही निकाय के विवाह सम्मेलन में शामिल होकर विवाह करना होगा।

सवा सौ विवाह आवेदन गए हैं। ज्यादातर विवाह आवेदन जमा ही नहीं किए गए। करीब 56 आवेदन वैरीफिकेशन के बाद वापस आ चुके हैं। उन्हें ऑनलाइन सबमिट किया जा रहा है।
कृष्णा अहिरवार, प्रभारी विवाह योजना