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Municipal Corporation: ठगा सा महसूस कर रहे 15 कर्मचारी, कहा- कहा- काश हम ग्राम पंचायत में ही होते

- अक्टूबर में हुआ मानदेय पास, ढाई माह बाद भी बढ़े वेतन की आस - नगर निगम में शामिल सहायक सचिवों ने सुनाई आपबीती

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Nagar nigam

जनपद पंचायत छिंदवाड़ा अंतर्गत 15 ग्राम पंचायतों के सहायक सचिवों को नगर निगम में शामिल कर लिया गया। उनकी सेवाएं अब नगर निगम में ली जाने लगीं। 10 अक्टूबर 2024 को निगम मेम्बर इन काउंसिल (एमआईसी) ने उनके मानदेय को 12000 रुपए से बढ़ाकर 18000 रुपए कर दिया। लेकिन, दो माह बाद भी बढ़ा हुआ वेतन नहीं दिया जा रहा है। निगम से जुड़े पूर्व अधिकारियों का कहना है कि बढ़ा हुआ वेतन प्रस्ताव पास करने के दिनांक से ही दिया जाना चाहिए, वहीं निगम के अफसर नियमों मेंं पेंच बताकर टाल रहे हैं।
फिलहाल प्रदेशभर में सहायक सचिवों का मानदेय शासन ने 18000 कर दिया है, जिससे निगम में शामिल सहायक सचिव यही कह रहे हैं कि हम ग्राम पंचायत में ही होते तो ज्यादा अच्छा होता।
उल्लेखनीय है कि छिंदवाड़ा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत इमलीखेड़ा, सर्रा, लोनिया करबल, सारसवाड़ा, चंदनगांव, बोरिया, सोनपुर, सोनाखार, अजनिया, पोआमा, खापाभाट, खजरी, कुकड़ाजगत, लहगडुआ, सिवनी प्राणमोती एवं परतला के 16 में से 15 सहायक सचिव अब निगम में सेवा दे रहे हैं।

नए साल में बढ़े वेतन का इंतजार

निगम में शामिल की गई 15 पंचायतों के सहायक सचिवों से निगम में विभिन्न प्रकार के काम लिए जा रहे हैं। सभी सहायक सचिव अप्रेल 2014 के बाद से निगम के लिए अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। इनमें जितेंद्र पवार, चित्रा गोहिया, हुन्नीलाल माहोरे, हिमांशु गडकरी, रीना अल्डक, चंद्रमोहन भारती, संजू चंद्रवंशी, रिंकी उइके, सुनील चौधरी, बाली ठाकरे, संदीप साहू, रामनरेश मरकार, सोनम यादव, अंकित बघेल एवं प्रीति सूर्यवंशी शामिल हैं।

प्रस्ताव पास होते ही मिलना चाहिए बढ़ा वेतन

स्थापना विभाग एवं कार्यालय अधीक्षक का कार्यभार सम्भाल चुके, निगम के सहायक आयुक्त पद से सेवानिवृत अनंत कुमार धुर्वे का कहना है कि पंचायतों से विधिवत प्रक्रिया पूरी कर शासन के आदेश से सहायक सचिवों की भर्ती की गई थी। अब जब जनपद पंचायतों के अंतर्गत ग्राम पंचायतों के सहायक सचिवों के वेतन बढ़ा दिए गए हैं, तो उनका भी वेतन बढ़ा दिया जाना चाहिए। ऐसे में जिस दिन से एमआईसी ने प्रस्ताव पास किया है, उसी दिन से उनके वेतन बढ़े हुए वेतन को दिया जाना चाहिए।

संविलियन की बैठक भी हो रही असफल

सहायक सचिवों के निकाय में संविलियन के लिए विगत छह नवंबर को समिति गठित की गई। इस समिति मेें आयुक्त, वित्त उपायुक्त, नगरीय प्रशासन विकास जबलपुर के संभागीय संयुक्त संचालक एवं प्रभारी कार्यालय अधीक्षक शामिल किए गए हैं। समिति की बैठक के लिए दो-दो बार समय निर्धारित किया गया। विगत 29 नवंबर के बाद 30 दिसंबर को बैठक बुलाई गई, परंतु संविलियन के संबंध में कोई निर्णय नहीं हो सका। हालांकि संविलियन के संबंध में फरवरी 2023 को नगरीय प्रशासन एवं विकास मध्यप्रदेश के उपसचिव राजेश श्रीवास्तव ने चांद नगर परिषद में शामिल हो चुके सहायक सचिवों का हवाला देते हुए निगम छिंदवाड़ा को भी संविलयन करने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए पत्र जारी किया था।

इनका कहना है


इसके पहले भी सहायक सचिवों का मानदेय पांच हजार रुपए से नौ हजार रुपए और नौ हजार रुपए से 12 हजार रुपए हो चुका है। सहायक सचिवों के मूल पद एवं पहले से बढ़े हुए मानदेय के आधार पर सहायक सचिवों का मानदेय, एमआईसी में 6000 रुपए बढ़ाकर 18 हजार रुपए किया जा चुका है। जिस दिन से वेतन बढ़ाया गया, उस दिन से सहायक सचिवों को एरियर मिलना भी चाहिए।
विक्रम अहके, महापौर निगम

सहायक सचिवों के मानदेय बढ़ाने के एमआईसी ने प्रस्ताव पास किया जा चुका है। सहायक सचिवों का संविलियन की प्रक्रिया चल रही है। मानदेय व संविलियन दोनों अलग विषय है। बढ़ा भुगतान अभी नहीं दिया जा रहा है। पॉलिसी मैटर पर अटका हुआ है। एरियर का नियम नहीं है।
मोहन नागदेव, प्रभारी, कार्यालय अधीक्षक