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Municipal Corporation: सीएम की ‘अनुकम्पा’ नहीं, अब सहानुभूति की आस

अनुकम्पा नियुक्ति में राज्य शासन की विशेष योजना का नहीं मिल रहा लाभ

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chhindwara

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छिंदवाड़ा। कोरोना से मृत शासकीय कर्मचारियों के परिजन के लिए मुख्यमंत्री अनुकम्पा नियुक्ति योजना लागू की गई, लेकिन इसमें आरटीपीसीआर की अनिवार्यता आश्रित परिजन के लिए गले की फांस बन चुकी है। उनके आश्रितों को दस्तावेज जुटाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। वे आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। कुछ कर्मचारी नियमित रहे तो उनके परिजन ने सामान्य नियुक्ति नियमों के अंतर्गत अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त कर ली, लेकिन अनुबंधित, दैनिक वेतन भोगी एवं विनियमित कर्मचारियों के परिजन को अब अधिकारियों की सहानुभूति का इंतजार है।

दरअसल, कोरोना की दोनों लहरों की चपेट में निगम के करीब डेढ़ सौ कर्मचारी आए। 21 सर्वाधिक प्रभावित रहे। इनमें से 11 कर्मचारी जिला अस्पताल में भर्ती रहे और उनमें से नौ की मौत हो गई। सिर्फ एक महिला निगम कर्मचारी जिला अस्पताल से ठीक होकर घर लौटी। इनमें से एक का भी आरटीपीसीआर नहीं कराया गया। अन्य दस को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया था जहां से वे ठीक भी हो गए।

अनुकम्पा नियुक्ति की यह है अद्यतन स्थिति

1. स्व. शिवा चौहान: नियमित कर्मचारी, पत्नी द्वारा आवेदन, दस्तावेज अधूरे
2. स्व. अतुल कटकवार: दैनिक वेतन भोगी, अब तक किसी की नियुक्ति नहीं
3. स्व. सुभाष बहोत: नियमित सफाई संरक्षक, बहू के लिए काम की मांग, नियुक्ति सम्भव नहीं
4. स्व. भंजय उपाध्याय: विनियमित कर्मचारी, पत्नी पहले से निगम में कार्यरत
5. स्व. रीतेश दीनदयाल: नियमित, परिजन के आवेदन पर प्रक्रिया जारी
6. स्व. श्यामसुंदर पवार: नियमित भृत्य, बेटे का आवेदन, प्रक्रिया जारी
7. स्व. पिंकी चौहान: दैनिक वेतन भोगी, पति निगम में ही कार्यरत
8. स्व. श्यामा मेहरोलिया: विनियमित कर्मचारी, बेटे का आवेदन, सहानुभूति के कारण अनुबंध में नियुक्ति प्रक्रिया जारी
9. स्व. बसंती बहोत: विनियमित, भाई नियमित कर्मचारी

इनका कहना है
अस्पतालों में भर्ती निगम कर्मचारियों के साथ उनके कोई परिजन नहीं थे। ऐसे में चिकित्सकों द्वारा ही आरटीपीसीआर टेस्ट कराने का निर्णय लिया जाना चाहिए। उसके अभाव में आज अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आश्रितों को परेशानी हो रही है।
प्रशांत घोंगे, जिला सचिव मप्र ननि नपा कर्मचारी संघ

आरटीपीसीआर रिपोर्ट के बगैर कोरोना से मृत्यु की पुष्टि नहीं मानी जा सकती। नियमित कर्मचारियों का नियमित नियमों के अनुसार और विनियमित, दैवेभो, अनुबंधित कर्मचारियों के परिजन को सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए कार्य पर रखा जा रहा है।
अनंत कुमार धुर्वे, सहायक आयुक्त, नगर निगम

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