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Navratri: सिद्ध स्थान पर स्वयं प्रकट हुईं छोटी माता

नगर के मध्य छोटी बाजार स्थित छोटी माता मंदिर 300 वर्ष पुराना है। मंदिर में छोटी माता, शारदा मां एवं पिण्डी स्वरूप में शीतला माता की स्वयम्भू प्रतिमाएं अवस्थित है। स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार यह सिद्ध स्थान है यहां वर्षों पहले मां की प्रतिमाएं भूगर्भ से स्वयं प्रगट हुई थी।

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navratri 2023 chaitra:

छिंदवाड़ा. नगर के मध्य छोटी बाजार स्थित छोटी माता मंदिर 300 वर्ष पुराना है। मंदिर में छोटी माता, शारदा मां एवं पिण्डी स्वरूप में शीतला माता की स्वयम्भू प्रतिमाएं अवस्थित है। स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार यह सिद्ध स्थान है यहां वर्षों पहले मां की प्रतिमाएं भूगर्भ से स्वयं प्रगट हुई थी। पूर्व काल में शीतला माता की मढिया को जाना जाता था। मंदिर में श्री छोटी माता, शारदा मां एवं पिंडी स्वरूप में शीतला माता की स्वयंभू प्रतिमाए हैं। उन्होंने बताया कि पूूर्वजों की माने तो पूर्व काल मे शीतला माता की मढिया के रूप में जाना जाता था। भक्त चेचक महामारी से रक्षा के लिए मां की पूजा आराधना किया करते थे। छोटी माता एवं मां शारदा की प्रतिमाएं एक मढिया में स्थापित थी। कालांतर में माई के मंदिर का समय-समय पर जीर्णोद्धार व पुनर्निर्माण किया गया। आज भी शीतला सप्तमी के दिन मंदिर में व्रती महिलाओं की भीड़ जुटती है।

भक्त किसी भी मांगलिक कार्य का प्रथम आमंत्रण माता को देना नहीं भूलते। मंदिर में नवरात्रि महापर्व पर भक्तों की भारी भीड़ जुटती है। संतान प्राप्ति के लिए विशेष पूजा मंदिर में की जाती है। मंदिर में 90 के दशक में छोटी माई की नवीन प्रतिमा की स्थापना भक्त परिवार व भक्तों के सहयोग से की गई।

IMAGE CREDIT: patrika

आज होंगे देवी मंदिरों में हवन व कन्या पूजन
शहर भर के समस्त देवी मंदिरों में बुधवार को दिनभर हवन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यकम में मुख्य रूप से मनोकामना कलश स्थापित करने वाले भक्त शामिल होंगे। पुजारियों ने बताया कि जनता भी हवल में शामिल हो सकते हैं। हालांकि कुछ मंदिरों में हवन के बाद कन्या पूजन एवं कन्या भोजन भी आयोजित किया जाएगा। षष्ठी माता मंदिर में अष्ठमी के दिन ही सैकड़ों कन्याओं को भोजन कराया जाएगा। वहीं बड़ी माता मंदिर, छोटी माता मंदिर, सहित अन्य मंदिरों में अष्ठमी के दिन हवन आयोजित होगा।

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