
Vivah
छिंदवाड़ा.नगर निगम के सामूहिक विवाह में उपहार सामग्री की गड़बड़ी की जांच का निष्कर्ष प्रशासन अभी तक नहीं निकाल पाया है। इससे विवाह आयोजन में सेवा देनेवाले बैंड, घोड़ी, रथ, ऊंट, वरमाला, पूजन सामग्री, वेदी, भोजन, टेंट जैसे अन्य सेवा प्रदाताओं के भुगतान लटक गए हैं। नगर निगम के अधिकारी इन बिलों के भुगतान करने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं।
बीती 13 मार्च को सामूहिक विवाह में 1334 जोड़ों ने फेरे लिए थे। जिनकी उपहार सामग्री जेवर, फर्नीचर समेत अन्य में गुणवत्ता के सवाल पर प्रभारी मंत्री के आदेश पर प्रशासन ने जांच कराई थी। इस जांच में सप्लायर्स दोषी पाए गए और उनके सामान को अमान्य भी कर दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारी इस जांच रिपोर्ट पर अभी तक कोई कार्रवाई का निर्णय नहीं ले पाए हैं। इन सप्लायर्स का भुगतान रोकना तो ठीक है लेकिन आयोजन से जुड़े दूसरे सेवा प्रदाताओं के भुगतान रुक गए हैं। बताया जाता है कि निगम की ओर से केवल वधुओं को 11 हजार रुपए के चेक दिए गए थे। उसके बाद कहीं से कोई बिल किसी को नहीं दिया गया है।
इस विवाह को ढाई माह बीत गए हैं। नगर निगम को छोड़कर पूरे जिले के नगरीय निकायों में हुए सामूहिक विवाह आयोजन के बिल पास हो गए और सेवा प्रदाताओं को मिल गए हैं। फिर निगम में इस जांच की आड़ में छोटे सेवा प्रदाताओं परेशान किया जा रहा है। इस बारे में निगम जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को चिंतन-मनन करना चाहिए। उपहार सामग्री के सप्लायर्स को छोड़कर शेष भुगतान कर देना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हो पाया तो अगली बार ये सेवा प्रदाता निगम को सेवा देने में कतराएंगे। फिलहाल निगम अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाडऩे में माहिर है।
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पांच हजार से 50 हजार के छोटे बिल भी
बताते हैं कि भोजन और टेंट के बिल 50 लाख रुपए पार होंगे लेकिन बैंड, घोड़ी, श्रृंगार सामग्री समेत अन्य सेवा प्रदाताओं के बिल पांच हजार से 50 हजार रुपए के बीच होंगे। इन बिलों का भुगतान किया जा सकता है। यहां बता दें कि राज्य शासन ने आयोजन कर्ता निगम को छह हजार रुपए प्रति जोड़े खर्च का प्रावधान किया है। 1334 जोड़े के हिसाब से 80 लाख रुपए खर्च होंगे।
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सामाजिक न्याय में बजट, बिल लगाना जरूरी
सामान्य न्याय विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की मानें तो सामूहिक विवाह आयोजन में हुए खर्च का बिल लगाया जाए तो कोषालय से उसका भुगतान हो जाएगा। विभाग के पास प्रदेश का संयुक्त बजट है। बिल में देरी करने पर दूसरे जिले समय पर भुगतान ले जाएंगे और छिंदवाड़ा को वंचित रहना पड़ सकता है।
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इनका कहना है...
सामूहिक विवाह के आयोजन में सेवा प्रदाताओं के बिल भुगतान न होने की शिकायत आ रही है। ढाई महीने हो जाने से ये लोग परेशान होकर चक्कर काट रहे हैं। इस विषय में अधिकारियों से चर्चा कर बिल भुगतान के प्रयास किए जाएंगे।
-धर्मेन्द्र सोनू मागो, अध्यक्ष, नगर निगम।
Published on:
23 May 2023 07:02 pm

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