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मासूम बच्चों की सुरक्षा को लेकर बरती जा रही यह बड़ी कोताही, अनहोनी का डर

स्कूल और पुलिस के पास नहीं ऑटो-वैन का ब्योरा

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chhindwara

No details of auto-van in school and police

सजगता जरूरी: छिंदवाड़ा में न हो रीवा जैसी वारदात
छिंदवाड़ा. जिले में संचालित निजी स्कूलों तक बच्चों को ले जाने और लाने के लिए बड़ी संख्या में वैन और ऑटो चल रहे हैं। किस स्कूल में कितनी वैन और ऑटो से बच्चे छोड़े जाते है?, वाहनों का रजिस्ट्रेशन नम्बर क्या है? चालक का नाम और मोबाइल नम्बर एवं वाहन का मालिक कौन है? यह जानकारी किसी के पास नहीं है। सबसे ज्यादा जरूरी है कि यह तमाम जानकारियां स्कूल प्रबंधन के पास हो, फिर पालक, पुलिस और परिवहन विभाग के पास होनी चाहिए।
स्कूल तक बच्चों को पहुंचाने और लाने के लिए जिले में सैकड़ों की संख्या में वैन और ऑटो का इस्तेमाल किया जा रहा है। किसी भी स्कूल के पास यह जानकारी नहीं है कि उनके यहां कितनी वैन और ऑटो बच्चों को लेकर आती है। चालक और मालिक का भी ब्योरा नहीं है। पुलिस के पास भी ऐसा कोई रिकॉड नहीं है। अधिकांश पालकों को नहीं पता कि उनके बच्चे को लेकर जाने वाले वाहन के चालक का नम्बर और वाहन का रजिस्ट्रेशन नम्बर क्या है। वाहन का असल मालिक कौन है और वह कहां रहता है। वाहन में सवार होकर बच्चा जब घर से निकलता है तो वह पूरी तरह भगवान के भरोसे होता है, क्योंकि स्कूल संचालक कभी यह पता नहीं करते कि वैन और ऑटो से आने वाले बच्चे स्कूल पहुंचे या नहीं, उन्हें केवल उनकी फिक्र होती है जो उनके स्कूल की बस में सवार होकर आते हैं।

यह है मामला

प्रदेश के रीवा के सेंट्रल स्कूल में पढऩे वाले 13 बच्चों का वैन के चालक ने 28 जून को अपहरण कर लिया था। शहर से दूर लेकर जाने के बाद रास्ते में नहर होने पर वैन का चालक बच्चों को पैदल लेकर जाने की फिराक में था, लेकिन चालक की मंशा जानकर बच्चे वहां से शोर मचाते हुए भागे और उन्होंने ग्रामीणों की मदद ली। ग्रामीणों की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चों को थाना लेकर रवाना हुई। आरोपित पुलिस के हाथ नहीं लगा था उसकी तलाश जारी थी। बच्चों को वैन में लेकर घंटों चालक घूमता रहा, लेकिन इसकी जानकारी न तो स्कूल प्रबंधन को थी और न ही पुलिस को दी गई, क्योंकि स्कूल प्रबंधन के पास यह जानकारी नहीं थी कि उनके स्कूल में कितनी वैन और ऑटो बच्चों को छोडऩे के लिए आती है।

जल्द ही निर्देश जारी किए जाएंगे

स्कूल संचालकों को इस संबंध में जल्द ही निर्देश जारी किए जाएंगे कि वह वैन एवं ऑटो की जानकारी अपने पास रखे।
सुनील कुमार शुक्ला, एआरटीओ

स्कूल चालू होने के पहले ही हम निर्देश दे चुके थे कि बच्चों को स्कूल तक छोडऩे वाले प्रत्येक वाहन की जानकारी अपने पास रखे और हमें भी दें। वाहन चालकों का सत्यापन कराए, लेकिन स्कूल संचालक इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं उन्हें केवल बच्चे स्कूल में कितने आ रहे हैं इससे मतलब है।
-सुदेश कुमार सिंह, डीएसपी, ट्रैफिक छिंदवाड़ा