
संतरे की फसल बर्बाद
छिंदवाड़ा. मोहगांव. सोयाबीन , कपास के साथ संतरा के लिए मप्र में पहचान बनाने वाला जिले के सौंसर इन दिनों मौसम की मार सेबेहार है। इस बिगड़े मौसम ने कपास, संतरे की फसलों को बर्बाद कर दिया है। मौसम की मार पडऩे के कारण यहां खेती लाभ का सौदा होने के बजाय हानि का सौदा बन रही है। बीते माह में किसानों के खेतों में लहलहाती मक्के की फसल पर मौसम की मार पड़ी अब कपास, संतरा, मक्का के बाद अब गेहूं-चने की फसल की बर्बादी नजर आ रही है।
पिछले तीन-चार दिनों से मौसम के बदलते तेवरों से रामाकोना क्षेत्र में किसानों को नुकसान हो रहा है। बुधवार की रात्रि हुई जोरदार बारिश तथा ओलावृष्टि से रामाकोना क्षेत्र के समीपस्थ गांव खुटाम्बा , आमला, खापा, जोबनी, रामपेठ, आदि गांव में किसानों की फसलों को अधिक नुकसान पहुंचा है। किसानों का हाल जानने के लिए विधायक ने अधिकारियों के साथ दौरा किया।
वहीं गुरुवार को ओलावृष्टि से फसलों के नुकसान का जायजा लेने ,क्षेत्र के विधायक विजय चौरे, पूर्व विधायक अजय चौरे,अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व )सौसर ने क्षेत्र के किसानों के खेतों में जाकर फसल नुकसान का जायजा लिया ।
बेमौसम बारिश से किसान परेशान हैं। किसान अरुण फरकारे (अन्तरा)ने बताया सात एकड़ में गेहूं, लहसुन, चना एवं बटाना लगा था जो खराब हो गया। वहीं शेरसिंग ककोडे,प्यारलाल सलामे ने भी अपनी फसल को नुकसान बताया है। वहीं खमारपानी में सडक निर्माण के चलते रोड के दोनो ओर पानी निकासी न होने के कारण कैलाश पिता परसराम पहाड़े के घर में पानी भर गया। ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार को नाली बनाने के लिए कहने के बाद भी उसने व्यवस्था नहीं की है।
Updated on:
03 Jan 2020 11:52 pm
Published on:
03 Jan 2020 11:52 pm
