
छिंदवाड़ा. परासिया के लॉयंस नेत्र चिकित्सालय में मोतियाबिंद के मरीजों के ऑपरेशन में किए गए कथित घोटाले में चिकित्सालय से जुड़े छह पदाधिकारी के विरुद्ध पुलिस में एफआईआर दर्ज होने के बाद एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में तहसीलदार ने लॉयंस नेत्र चिकित्सालय के पदाधिकारी अनिल जैन पिता गोपाल जैन निवासी परासिया से दो करोड़ चार लाख छह हजार आठ सौ अठारह रुपए जमा करने का आदेश दिया है।
जिला कलेक्टर के पत्र का हवाला देते हुए कहा गया है कि लॉयंस आई हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर परासिया को राष्ट्रीय अंधत्व मुक्त निवारण मिशन से गलत तरीके से प्राप्त की गई राशि को 14 जनवरी तक जमा कर दिया जाए अन्यथा कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में शिकायत कर्ता रिंकू रितेश चौरसिया ने बताया कि गाइडलाइन के अंतर्गत गरीबों निर्धनों के मोतियाबिंद के नि: शुल्क ऑपरेशन करना था। ऑपरेशन के एवज में सरकार से प्रति ऑपरेशन का दो हजार रुपए संस्था को प्राप्त होता है।
लॉयस आई हॉस्पिटल परासिया ने वर्ष 2018-19 से लेकर के 2022-23 तक 17,958 ऑपरेशन कर सरकार से तीन करोड़ उन्नसठ लाख सोलह हजार रुपए लिए हैं। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल द्वारा किए गए पांच वर्षों के आपरेशनों की जांच सरकार द्वारा की गई। जांच में लॉयंस आई हॉस्पिटल द्वारा लगाए गए बिल बाउचरो में 76 प्रतिशत फर्जी केस पाए गए हैं। गौरतलब है कि कार्रवाई के घेरे में आए सभी लोग सम्पन्न एवं प्रमुख व्यवसायी हैं।
Published on:
14 Jan 2025 08:05 pm
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