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Acciden: दुर्घटना में घायलों की मदद के लिए कम बढ़ रहे हमारे हाथ, क्या है वजह पढ़ें यह खबर

सड़क दुर्घटना में घायलों को देखने के बाद भी लोग मदद के लिए आगे नहीं आते। इसके पीछे की वजहें कई सारी हो सकती

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बी.के पाठे
छिंदवाड़ा. सड़क दुर्घटना में घायलों को देखने के बाद भी लोग मदद के लिए आगे नहीं आते। इसके पीछे की वजहें कई सारी हो सकती , किन्तु यह मानवीयता तो कतई नहीं है। हमारी छोटी सी मदद किसी की जान बचा सकती है और किसी एक व्यक्ति की जान बच जाने का सीधा मतलब है एक पूरे परिवार को बचा लेना इससे बड़ा पुण्य का कार्य और क्या होगा, लेकिन देखने में यह आ रहा है कि घायलों की मदद के लिए हमारे हाथ कम बढ़ रहे हैं।

सड़क पर हुई दुर्घटना या फिर हादसे में घायल हुए लोगों की मदद कर उन्हें अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति से पुलिस किसी तरह की पूछताछ नहीं करती न ही उन्हें दस्तावेजी कार्रवाइयों में घसीटा जाता है, लेकिन आज भी लोगों के दिलों दिमाग में एक ही बात बैठी हुई है कि घायलों की मदद करेंगे तो पुलिस उनसे पूछताछ करेगी कार्रवाई में शामिल कर लेगी, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। आम लोगों मन से इस बात को निकालने और उन्हें घायलों की मदद के लिए प्रेरित करने सरकार ने प्रोत्साहन अवार्ड योजना लागू की है। घायलों की मदद कर उसे अस्पताल पहुंचाने और घायल की जान बच जाने पर मददगार व्यक्ति को सरकार (सेमेरिटन मैन) नेक दिल इंसान नाम देगी साथ ही प्रोत्साहन ऑवर्ड योजना के तहत पांच हजार रुपए तक की पुरस्कार राशि सीधे मददगार व्यक्ति के खाते में आएगी। मददगार व्यक्ति का नाम चयनकर्ता समिति के अध्यक्ष पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल, कलेक्टर सौरभ कुमार सुमन एवं सचिव अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के द्वारा परिवहन आयुक्त को भेजा जाता है जिसके बाद इनाम देना तय किया जाता है।

प्रोत्साहन ऑवर्ड योजना का प्रारूप
भारत सरकार द्वारा दिनांक 12-5-2015 को अधिसूचना जारी की गई जिसके अनुसार गुड सेमेरिटन द्वारा घायल व्यक्ति की मदद करने के दौरान अस्पताल एवं पुलिस द्वारा कोई भी प्रश्न नहीं पूछा जाएगा। गुड सेमेरिटन को फान पर या व्यक्ति रूप से किसी थाने में उपस्थित होकर अपना नाम या व्यक्तिगत विवरण देने हेतु बाध्य नहीं किया जा सकता है। जिले में 20 अक्टूबर 2021 से सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराकर उसकी जीवन रक्षा करने वाले गुड सेमेरिटन व्यक्ति के लिए प्रोत्साहन अवार्ड योजना लागू की गई है।

दो नेक दिल व्यक्ति आए सामने
विगत 6 माह से संचालित इस योजना में अभी तक केवल दो नेक दिल व्यक्ति सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक मोहखेड़ थाना क्षेत्र के रहने वाले दो लोगों ने दुर्घटना में घायलों की मदद की थी, जबकि बीते वर्ष दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 353 रही है। मददगार दोनों व्यक्तियों का नाम चयनकर्ता समिति की ओर से परिवहन आयुक्त को भेजा जा चुका है। हाल ही में 21 मार्च को नागपुर रोड स्थित ग्राम चिखलीकला में हुई दुर्घटना में पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल के वाहन चालक एवं गनमैन ने आगे आकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। दो मामलों को छोड़ दें तो बड़े शर्म की बात है कि हम मदद करने में बहुत पीछे है, जब कि हमारी मदद से किसी की जान बच सकती है।

पत्रिका व्यू-
दुर्घटना में घायलों की मदद करने वालों को पांच हजार रुपए का पुरस्कार न सही, लेकिन घायलों की सहायता करने वाले लोगों को जिला प्रशासन अपनी ओर से एक प्रशस्ति पत्र विशेष मौको पर देता है तो इसका भी अच्छा परिणाम सामने आ सकता है।

लोग मानवीयता का परिचय दें
घायल को करीब एक घंटे के अंदर इलाज मिल जाए तो जान बच जाती है। लोग ज्यादा से ज्यादा आगे आकर घायलों की मदद करें और मानवीयता का परिचय दें। प्रशासन अपनी ओर से सम्पूर्ण प्रयास कर रहे हैं आमजन से आगे आने की अपील है।
-सुदेश कुमार सिंह, डीएसपी, ट्रैफिक, छिंदवाड़ा