
पुण्य कार्यों का स्मरण
छिंदवाड़ा. अटल जी के निधन के साथ एक युग का अंत हुआ है। उन्होंने राजनीति से ऊपर उठकर देश के जनमानस के हृदय में स्थान बनाया। जो किसी भी राजनेता को नसीब नहीं हुआ। वे पक्ष-विपक्ष सबको समान रूप से प्रिय थे। यह विचार भाजपा नेताओं ने शनिवार को भाजपा जिला कार्यालय में उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए व्यक्त किए और उनके साथ बिताए गए समय के संस्मरण सुनाए।
भाजपा जिलाध्यक्ष नरेन्द्र परमार, प्रदेश मंत्री कन्हईराम रघुवंशी, रमेश पोफली, सतीश देशपांडे, भजनलाल चोपड़े, ठाकुर दौलतसिंह समेत अन्य वक्ताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री के जीवन पर प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने कहा कि मध्यप्रदेश का नाम विश्व में गौरान्वित करने वाले प्रदेश के ऐसे लाड़ले सपूत थे जिन्होंने पार्टी को सर्वव्यापी और सर्वस्पर्शी बनाया। वाजपेयी ने कभी मूल्यों से समझौता नहीं किया तथा एक वोट से सरकार अल्पमत में होने पर प्रधानमंत्री पद से उन्होंने इस्तीफा दे दिया। राजनीति में नैतिक मूल्यों की स्थापना करने में उनको सदैव याद किया जाएगा।
वक्ताओं ने बताया कि अटल जी हिंदी कवि, पत्रकार व प्रखर वक्ता थे। भारतीय जनसंघ की स्थापना करने वाले महापुरूषों में से एक थे। वे 1996 से 1973 तक जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे। जीवनभर भारतीय राजनीति में सक्रिय रहे। वक्ताओं के विचार व्यक्त करने के पश्चात् उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, नेताओं व कार्यकर्ताओं ने अटल जी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। दो मिनट का मौन धारण कर वाजपेयी के साथ करूणानिधि, सोमनाथ चटर्जी, बलरामदास टंडन एवं अजित वाडेकर को श्रद्धांजलि दी गई। सभा में चौधरी चंद्रभान सिंह, अजय औरंगाबादकर, ईश्वर चौरसिया, शिव मालवी, विजय पांडे, सत्येन्द्र तिवारी, दिवाकर सदारंग और इन्द्रजीत सिंह बैस समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित हुए।