छिंदवाड़ा

Pradip mishra katha: सोलह सोमवार की कथा सुनाएंगे पं. प्रदीप मिश्रा, इमलीखेड़ा से ही रूट होगा डायवर्ट

तीन लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना, सिमरिया तक वन वे रहेगा मार्ग

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छिंदवाड़ा. सिद्ध सिमरिया धाम(सिमरिया हनुमान मंदिर) नागपुर रोड में प्रसिद्ध कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा 5 से 9 सितंबर तक विशेष रूप से सोलह सोमवार शिवमहापुराण कथा का वाचन करेंगे। 5 से 8 सितंबर तक दोपहर एक बजे से शाम 4 बजे तक एवं 8 सितंबर को पूर्णता के दिन सुबह 9 से 12 बजे तक कथा का वाचन होगा। प्रतिदिन शाम को 20 हजार श्रद्धालुओं के प्रसाद वितरण की व्यवस्था की जाएगी। पं. प्रदीप मिश्रा 4 सितंबर को ही छिंदवाड़ा नगर में प्रवेश कर जाएंगे और नगर भ्रमण करेंगे। कथा के आयोजन को लेकर शनिवार को मारुति नंदन सेवा समिति ने प्रेस कान्फ्रेंस में विस्तृत रूप से जानकारी दी। समिति संयोजक आनंद बक्षी ने बताया कि कथा में तीन लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पंडाल में रहने की व्यवस्था बनाई गई है। उन्होंने बताया कि पिछली बार जो कमियां रह गई थी, उस पर पूरा फोकस किया गया है। इस बार विशेष व्यवस्थाएं बनाई जा रही है। इमलीखेड़ा चौक से ही रूट डायवर्ट कर दिया जाएगा और सिमरिया तक वन वे व्यवस्था रहेगी। इस बार लोगों को कथा स्थल पहुंचने के लिए एक से डेढ़ किमी ही पैदल चलना पड़ेगा। पार्किंग स्थल पर पिछली बार से बेहतर व्यवस्था रहेगी। प्रेस कान्फ्रेंस में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद तिवारी, जिलाध्यक्ष विश्वनाथ ओक्टे, गोविंद राय, नितिन उपाध्याय सहित अन्य मौजूद रहे।

कलश यात्रा का स्वरूप होगा छोटा
समिति के अनुसार इस बार कलश यात्रा भव्य रूप में नहीं निकाली जाएगी। यानी इसका स्वरूप छोटा होगा। पं. धीरेन्द्र शास्त्री की कथा में कलश यात्रा काफी भव्य निकाली गई थी। पांच हजार से अधिक महिलाएं शामिल हुई थी।

दोपहर तीन बजे पं. प्रदीप मिश्रा करेंगे नगर भ्रमण
पं. प्रदीप मिश्रा 4 सितंबर को दोपहर तीन बजे पुराना नरसिंहपुर नाका स्थित श्री काली माता मंदिर से नगर भ्रमण पर निकलेंगे। श्याम टॉकीज, चार फाटक, पुराना बैल बाजार चौक, इंदिरा तिराहा, फव्वारा चौक, राजीव भवन, चंदनगांव होते हुए इमलीखेड़ा पहुंचेंगे।

शहनाई लॉन में रूकने की रहेगी व्यवस्था
कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा के साथ 50 से अधिक लोगों की टीम रहेगी। सभी लोग शहनाई लॉन में रूकेंगे। रहने, खान सहित सभी व्यवस्था समिति बनाएगी। इस बार कथा वाचक को कथा स्थल पर जाने एवं आने के लिए हेलीकाप्टर से ही व्यवस्था बनाई गई है।

इमलीखेड़ा से ही रूट रहेगा डायवर्ट
छिंदवाड़ा की तरफ से जाने वाले वाहन इमलीखेड़ा चौराहे से बैतूल रोड होते हुए नागपुर जाने वाले सांवरी से पालाखेड़ होते हुए मोहखेड़ मार्ग से नागपुर जाएंगे। जबकि बैतूल जाने वाले सांवरी से बैतूल निकलेंगे। वहीं नरसिंहपुर से आने वाले वाहन बायपास होते हुए बैतूल रिंग रोड से नागपुर जाएंगे। सिवनी से आने वाले वाहन बीसापुर होते हुए नागपुर मार्ग पर पहुंच सकेंगे। वहीं नागपुर से आने वाले वाहन, नरसिंहपुर, परासिया मार्ग के लिए बैतूल रिंग रोड से छिंदवाड़ा आ सकेंगे। मुलताई चौराहा से परासिया या नरसिंहपुर के लिए पहुंच सकेंगे।

इमलीखेड़ा से सिमरिया तक वन वे रहेगा मार्ग
कथा स्थल पर पहुंचने के लिए सुबह से दोपहर 1 बजे तक इमलीखेड़ा से सिमरिया तक छिंदवाड़ा नागपुर मार्ग वन-वे रहेगा। प्रतिदिन कथा के समापन के बाद नागपुर से छिंदवाड़ा की तरफ वन-वे रहेगा। अगर किसी श्रद्धालु को बीच में लौटना है तो परिवर्तित मार्ग से जाना होगा।


कुछ प्रमुख बिंदु
-42 एकड़ मैदान में बनाया गया तीन वाटर प्रुफ पंडाल, 5 हजार वर्गफीट की व्यासपीठ
- कथा स्थल पर 40 एलइडी स्क्रीन रहेगी। प्रतिदिन तीन लाख श्रद्धालुओं की व्यवस्था।
- जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हें और एक कंट्रोल रूम रहेगा। हर गतिविधि पर रहेगी पैनी नजर, खोया-पाया सेंटर भी रहेगा।
-पानी के रहेंगे टैंकर, प्रतिदिन 20 हजार लोगों के लिए प्रसाद की व्यवस्था
- पंडाल में रहने की भी रहेगी व्यवस्था
- कथा स्थल पर पहुंचने के लिए बनाए गए छह गेट।
- ऑटो चालकों के लिए दो एकड़ भूमि में पार्किंग
- कुल पांच पार्किंग जोन। हर जोन के लिए रहेंगे विशेष प्रभारी।

Published on:
03 Sept 2023 12:16 pm
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