
माफिया नदियों को कर रहे खोखली
छिंदवाड़ा. परासिया. इस बार अधिक बारिश से क्षेत्र के नदी नाले रेत से भर गए हैं। रेत खदानों का ठेका अभी हैंड ओवर नहीं होने से रेत माफिया के लिए इस गौण खनिज को लूटने का खुला अवसर मिला हुआ है। रेत का अवैध खनन और परिवहन ढाला के समीप से पलटवाड़ा तक विभिन्न क्षेत्रों मेंं धड़ल्ले से जारी है। रेत माफिया की सबसे अधिक सक्रियता लोहरीबांदरी और भगवान घाट क्षेत्र में बनी हुर्ई है। नदी तक पहुंचने के लिए ट्रैक्टर ट्रॉली और डम्पर इन दिनों खेतों की मेढ़ों से गुजर रहे हैं। जिससे किसानों और वाहन चालकों के बीच विवाद बढ़ रहे है।
परासिया अनुविभाग में पेंच और कन्हान नदी ही रेत के मुख्य स्त्रोत हैं। पेंचनदी में जाटाछापर बस्ती, न्यूटन चिखली बस्ती, पैजनवाड़ा, ढाला, शिवपुरी, हरनभटा और पलटवाड़ा, कन्हान नदी से कोठार और जिल्हेरी घाट क्षेत्र से रेत धड़ल्ले से निकल रही है। शिवपुरी के आसपास से निकलने वाली रेत की सप्लाई शिवपुरी, झुर्रे, नेहरिया क्षेत्र में हो रही, वहीं ढाला की रेत रावनवाड़ा, हर्रई, दीघावानी, छिंदा और सेठिया पहुंच रही है। वहीं कोठार की रेत मोरडोंगरी होते हुए सावरी, छिंदवाड़ा, पोआमा, उमरेठ, परासिया, चांदामेटा और अंबाड़ा तक पहुंच रही है। हालांकि पुलिस द्वारा ट्रैक्टर ट्रॉली से रेत परिवहन करने पर धरपकड़ की कार्रवाई हुई हैं।
सांवगा नदी में हो रहा पोकलेन से खनन
सीमावर्ती क्षेत्र क़े ग्राम सावंगा रेत घाट पर सुबह से ही पोकलेन से रेत का अवैध उत्खनन हो रहा है। सांवगा नदी में पोकलेन मशीन लगाकर दिन और रात अवैध उत्खनन कर लाखों की रेत चोरी की जा रही है। जानकारी के अनुसार सांवगा में चलने वाली खदान ग्राम पंचायत द्वारा अनुबंधित की गई है, पंचायत सचिव के मार्गदर्शन में रेत चोरों के द्वारा यहां पर शासन की ओर से दी गई आईडी का गलत इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसके चलते शासन की ओर से पंचायत की आईडी को लॉक कर दिया गया था। इसके बावजूद कुछ दिनों से पंचायत सचिव एवं कुछ रेत कारोबारयों द्वारा खुलेआम सांवगा नदी में तीन पोकलेन से उत्खनन हो रहा है।
Published on:
14 Mar 2020 11:11 pm
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