
31 मार्च 2025 तक जिले के 475 से अधिक स्कूलों की मान्यता समाप्त हो रही थी। राज्य शिक्षा केंद्र ने इन स्कूलों की नवीन मान्यता के लिए आवेदन करने की तिथि 23 दिसंबर से जारी कर दी। इसके बाद 23 जनवरी से लेकर 10 फरवरी तक कई बार मान्यता तारीख बढ़ाई गई। अंत में 14 फरवरी तक पांच हजार रुपए विलंब शुल्क के साथ मान्यता आवेदन की तिथि बढ़ी। इसके बावजूद जिले के आधा सैकड़ा से अधिक निजी विद्यालय मान्यता की प्रक्रिया में भाग नहीं ले सके।
ऐसी स्थिति में राज्य शिक्षा केंद्र के नियमों के अनुसार ये समस्त स्कूल 31 मार्च 2025 के बाद संचालन के लिए पात्र नहीं होंगे। आरटीई पोर्टल के अनुसार जिले के 475 निजी स्कूलों ने अपनी लॉगिन आईडी से मान्यता के लिए अनलॉक तो किया, परंतु नए आवेदक स्कूलों सहित कुल 438 ही मान्यता की प्रक्रिया पूरी करने के बाद आवेदन लॉक कर सके। इनमें भी विकासखंड वार बीआरसी को फॉरवर्ड 413 ने ही किया। इसके अनुसार करीब 62 विद्यालय इस प्रक्रिया को बीआरसी तक नहीं पहुंचा पाए।
आवेदनों के भौतिक सत्यापन के लिए बीआरसी शनिवार को भी जांच करने पहुंचे। शनिवार की दोपहर 12 बजे तक जहां बीआरसी स्तर पर लंबित आंकड़े 363 थे। वहीं शाम को वह संख्या 349 हो गई। आने वाले दिनों में इन बचे हुए आवेदनों का भी भौतिक सत्यापन करके प्रक्रिया पूरी करनी है। उल्लेखनीय है कि बीआरसी आवेदनों में दर्ज आंकड़ों के दस्तावेज निकालकर स्कूल पहुंचते हैं और उनका भौतिक सत्यापन करते हैं।
इनका कहना है
विलंब शुल्क सहित निजी स्कूलों को आवेदन करने की अंतिम तिथि 14 फरवरी नियत की गई थी। इनमें कई स्कूल आवेदन की प्रक्रिया में भाग नहीं ले पाए। राज्य शिक्षा केंद्र के पूर्व के निर्देशों के अनुसार आगामी एक अप्रेल से उक्त स्कूल संचालन के लिए अपात्र हो चुके हैं। आगे विलंब शुल्क बढ़ाकर उन्हें मान्यता के लिए समय देना है या मान्यता समाप्त करनी है, यह वरिष्ठ कार्यालय ही तय करेगा।
जेेके इडपाचे, डीपीसी छिंदवाड़ा
Published on:
16 Feb 2025 11:47 am

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