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गुमगांव में वीरांगना अवंती बाई की प्रतिमा स्थापित

1857 की क्रांति की वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की प्रतिमा का रविवार को गुमगांव में बारिश में अनावरण किया गया। रानी अवंती बाई का जन्म 16 अगस्त 1831 को छिंदवाड़ा जिले के मनखेड़ी ग्राम में हुआ था जो वर्तमान में सिवनी जिले के भीमगढ़ बांध में डूब चुका है।

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Statue of heroine Avanti Bai installed in Gumgaon

छिंदवाड़ा/ चौरई . 1857 की क्रांति की वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की प्रतिमा का रविवार को गुमगांव में बारिश में अनावरण किया गया। लोधी समाज की ओर से स्थापित प्रतिमा अनावरण समारोह में मुख्य अतिथि लोधी क्षत्रिय महासभा के महामंत्री शंकर महतो थे। अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अतरलाल पटेल ने की। विशिष्ट अतिथि अजबसिंह पटेल थे। इस मौके पर हरिओम वर्मा, बलवंत वर्मा, सुखलाल वर्मा, सकुन वर्मा ने वीरांगना के जीवन पर प्रकाश डाला। रानी अवंती बाई का जन्म 16 अगस्त 1831 को छिंदवाड़ा जिले के मनखेड़ी ग्राम में हुआ था जो वर्तमान में सिवनी जिले के भीमगढ़ बांध में डूब चुका है। उनका विवाह रामगढ़ के राजा लक्ष्मण सिंह के पुत्र राजकुमार विक्रमादित्य से सम्पन्न हुआ। रानी अवंती बाई ंने उस दौर में अंग्रेजों से लोहा लिया, जब महिलाएं राजनीति से अनभिज्ञ थीं वहीं दूसरी ओर अंग्रेजों की राज्य हड़प नीति के चलते सतारा, नागपुर जबलपुर और झांसी सहित कई रियासतों का विलय ब्रिटिश साम्राज्य में जबरन कर लिया गया । जब बात रामगढ़ की रियासत पर आयी तो रानी अवंतीबाई ने इस फरमान का पुरजोर विरोध किया इस कुटिल नीति के विरुद्ध मंडला के गोंड राजा शंकर शाह की अध्यक्षता में आसपास के सभी राजाओं एवं जमीदारों का एक सम्मेलन बुलाकर एकजुट होने का संदेश दिया गया । संदेश के साथ उन्होंने एक लिफ़ाफ़ा में चूडिय़ां भरकर भेजी थी रानी ने अपने पत्र में लिखा था कि हे राजाओं मैं अंग्रेजों के खिलाफ अपने देश के लिये लड़ रही हूं आप मेरे साथ अंग्रेजों से युद्ध लड़ो और अगर युद्ध नही लड़ सकते तो ये चूडिय़ां पहन लो । कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारी जीएल वर्मा, रामशरण पटेल, सुखलाल वर्मा, शिवप्रसाद पटेल, सरपंच ईश्वर पटेल, नरेश वर्मा, महेंद्र वर्मा, बलवंत वर्मा, विनय वर्मा, विजय वर्मा, माया पटेल, असलेखा वर्मा, धनराज वर्मा,सखाराम पटवारी, रामशंकर सुलखिया, जगन्नाथ सुलखिया सहित ग्रामीण मौजूद थे।