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Swachhta Survey: शायद ही टॉप टेन में आ पाएगा मॉडल कहलाने वाला यह शहर

- मैदानी स्वच्छता पर ध्यान नहीं दे रहे अधिकारी-कर्मचारी - कभी भी आ सकती है दिल्ली की टीम

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Swachhta Survey

नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत आने वाले वार्डों में अब ई स्वच्छता वाहन दौड़ेंगे। इनका लोकार्पण सांसद विवेक बंटी साहू व महापौर विक्रम अहके ने हरी झंडी दिखाकर किया।

स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 की मैदानी तैयारियां इतनी लचर हैं कि शायद ही नगर निगम देश के टॉप टेन शहरों में अपना नाम ला पाए। शहर के हर सार्वजनिक स्थल या फिर गली-मोहल्लों के कोनों पर कचरा मिल पाएगा। नालियां लम्बे अंतराल से साफ नहीं हो रही हैं। शहर की बदहाल सूरत देखकर लोग पुराने समय को याद कर रहे हैं।
वर्ष 2023 की देश भर में एक लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों में छिंदवाड़ा 41 अंक पिछडकऱ 55वें स्थान पर पहुंच गया था। जबकि पिछले साल 2022 में यह रैंकिंग 14वीं थी। इस वर्ष 2024 में हर शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण के सर्वेक्षण दल आने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। केंद्रीय दल अक्टूबर के अंत तक शहर में आ सकता है। इस दृष्टि से निगम अधिकारी-कर्मचारी सुस्त है। कचरा कलेक्शन से लेकर नवाचार तक में कोई खास गतिविधियां शून्य नजर आ रही है। इस बार टूल किट में सर्वे 'आरआरआर' थीम यानी रीड्यूज, रीयूज, रीसाइकिल का जिक्र किया गया है। साथ ही बैकलेन (घर के पीछे की गली) पर विशेष फोकस किया जाएगा। इसमें 4800 प्लस सिटी शामिल होगी। इस सर्वे को लेकर नगर निगम की ओर से मैदानी तैयारियां दिखाई नहीं दे रही है। वर्तमान में जगह-जगह कचरे के ढेर होने की शिकायत आ रही है। डोर टू डोर वाहन कचरा कलेक्शन के लिए प्रतिदिन समय नहीं पहुंच रहे हैं। नालियां जाम पड़ी हैं। सफाई नहीं हो पा रही है। इससे स्वच्छता अंकों में गिरावट आ सकती है।

ये जरूरी है स्वच्छता सर्वे अंक के लिए

स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 के कुल अंक 9500 हैं। इसमें 60 प्रतिशत यानी 5705 अंक सर्विस लेवल प्रोग्रेस के हैं। जबकि सर्टिफिकेशन पर 26 प्रतिशत यानी 2500 अंक और 14 प्रतिशत यानी 1295 अंक जन आंदोलन के हैं। सर्वेक्षण टीम आएगी तो एक-एक बिंदु पर जांच पड़ताल करेगी।

छत के पीछे कचरा फेंकने की आदत

स्वच्छता सर्वेक्षण में बैकलेन को शामिल किया गया है। इस बार नगर निगम के स्वच्छता विभाग से जुड़े अधिकारी, कर्मचारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया है। इस बारे में आम जनता को कोई जानकारी स्वच्छता टीम नहीं दे रही है। सामान्यत: लोग घरों से निकलने वाले कचरा को छत से पीछे वाले हिस्सो में फेंक देते हैं। यह भी गंदगी का कारण है।

इनका कहना है
नगर निगम की ओर से स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हम अपने शहर की पुरानी रैंकिंग पाने प्रयासरत हैं। इस बार बेहतर अंक लाने का लक्ष्य रखा गया है।
विक्रम अहके, महापौर