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पार्टी का कार्यकर्ता सच्चा व निष्ठावान क्योंकि देशभक्ति उसे विरासत में मिली

क्षेत्रीय कमेटी अध्यक्षों की बैठक में शामिल हुए पूर्व सांसद, कहा-क्षेत्रीय कमेटियां होंगी सशक्त, तब बूथ होगा मजबूत

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Nakulnath in chhindwarra

महायज्ञ के आयोजन में मौजूद नकुलनाथ

बूथ को मजबूत करने के लिए सबसे पहले क्षेत्रीय कमेटियों का सशक्त होना नितांत आवश्यक है। यह तब संभव होगा जब अध्यक्ष अपनी क्षेत्रीय कमेटियों में पूर्ण सक्रियता के साथ कार्य करें। साथ ही संगठन को मजबूत करने की दिशा में निरंतर जुटे रहें। संगठनात्मक गतिविधियों पर जोर देने की आवश्यकता है। उक्त उदगार कांग्रेस नेता नकुलनाथ ने रविवार को उमरेठ व मैनीखापा क्षेत्रीय कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों की आयोजित बैठक में व्यक्त किए।


क्षेत्रीय कांग्रेस कमेटी उमरेठ व मैनीखापा के ब्लॉक अध्यक्षों में जोश भरते हुए नकुलनाथ ने कहा कि कांग्रेस का प्रत्येक पदाधिकारी व कार्यकर्ता सच्चा व निष्ठावान है, इसलिए वह देशहित व जनहित में सोचता है, क्योंकि उसे पार्टी से विरासत में देशभक्ति ही मिली है। उन्होंने उपस्थित अध्यक्षों से कहा कि भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लगातार आक्रामक होकर विरोध करें, जनता तक सच्चाई पहुंचाए। उन्होंने संगठनात्मक विषयों पर चर्चा करते हुए उपस्थित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। उमरेठ व मैनीखापा क्षेत्रीय कांग्रेस कमेटी के उपस्थित अध्यक्षों से पार्टी स्तर पर संचालित गतिविधियों के सम्बंध में जानकारी ली।

यज्ञ सामाजिक एकता व पर्यावरण चेतना का प्रतीक

चौरई विधानसभा क्षेत्र के चांद ब्लॉक की पावन भूमि लोनीकला में चल रहे 251 कुण्डीय सीताराम महायज्ञ में सम्मिलित हुए कांग्रेस नेता नकुलनाथ ने सर्वप्रथम यज्ञ शाला की परिक्रमा की। विधि विधान से पूजा-अर्चना कर सुख, शांति व समृद्धि की कामना की।साकेतवासी यज्ञ सम्राट श्री श्री 1008 कनक बिहारी दास महाराज की प्रतिमा स्थापना एवं 251 कुण्डीय सीताराम महायज्ञ में सम्मिलित हुए। नकुलनाथ ने कनक बिहारी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया। साथ ही उपस्थित श्रद्धालुजनों से भेंट की। नकुलनाथ ने धार्मिक अनुष्ठान के महत्व पर जोर दिया।


कहा कि यह भूमि कनक बिहारी दास महाराज के तप, तपस्या व अनुष्ठानों से पावन हुई है, जिसका महत्व जिले का प्रत्येक श्रद्धालु भक्तजन जानते हैं। यज्ञ केवल धार्मिक चेतना नहीं, बल्कि सामाजिक एकता व पर्यावरण चेतना का प्रतीक भी है। धार्मिक आयोजनों से सकारात्मक ऊर्जा का निरंतर प्रवाह होता है। उन्होंने अंत में पुन: यज्ञ शाला व कनक बिहारी महाराज को नमन किया।