छिंदवाड़ा .माचागोरा डैम के पानी से डूबी काराघाट-बोहनाखैरी मार्ग की पुलिया से बाधित बच्चों की पढ़ाई के लिए बुधवार को शिक्षा विभाग कोई इंतजाम नहीं कर पाया। काराघाट के बच्चे बार-बार पुलिया के जलस्तर देखने जाते रहे। ग्रामीणों ने फिर वैकल्पिक स्कूल की मांग को दोहराया।
दो दिन पहले इस गांव समेत आसपास के किसानों ने जिला मुख्यालय में रैली और ज्ञापन के माध्यम से करीब 250 बच्चों का स्कूल बंद होने का मामला उठाया था। ग्रामीणों ने कहा था कि उनके बच्चे बोहनाखैरी के हायर सेकण्डरी स्कूल पढऩे जाते थे। पुलिया डूब जाने से उनका आवागमन बंद हो गया। स्कूल का वैकल्पिक इंतजाम न होने से एक सप्ताह से बच्चों की पढ़ाई रुकी हुई है। ये बच्चे इस पुलिया के जल स्तर को देखने जाते रहे।
इधर, ग्रामीणों से इसकी जानकारी मिलने पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अमित सक्सेना ने फिर जिला शिक्षा अधिकारी अरूण इंगले से बात की। इस पर निरीक्षण करने के उपरांत निर्णय लेने की बात कहीं। इधर, डीईओ इंगले ने बातचीत में कहा कि उन्होंने बीईओ से वैकल्पिक इंतजाम के संबंध में रिपोर्ट मांगी है।
619 मीटर के करीब पहुंचा जलस्तर
लगातार बारिश से पेंच नदी का बहाव तेज होने से माचगोरा डैम का जलस्तर 618.75 मीटर पर पहुंच गया। इसके अगले दिन 619 मीटर पार करने का अनुमान है। जलसंसाधन विभाग के अधीक्षण यंत्री पीएन गौर का कहना है कि डैम का लेवल बढऩे से गांवों में समस्याएं बढ़ेंगी, जिसके निराकरण के लिए प्रशासन प्रयासरत है। ग्रामीणों की मांग 620 मीटर पर पानी रखे जाने की स्थिति को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।