छिंदवाड़ा. जिला मुख्यालय पर शुक्रवार को देश की 11 केंद्रीय श्रमिक संगठनों से जुड़े श्रमिक नेताओं ने एकजुट होकर देशव्यापरी हड़ताल यहां भी की। इंदिरा तिराहे पर सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक धरना दिया गया और उसके बाद एक रैली निकाली। हड़ताल के कारण, बीमा, बीएसएनएल और बैंकों और कोलइंडिया के दफ्तरों में कामकाज प्रभावित दिखा।
संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, देशमें व्यापार तथा सार्वजनिक क्षेत्र से जुड़े कईं मुद्दों को लेकर यह प्रदर्शन किया गया। इंदिरा तिराहे पर सुबह 11 बजे से विभिन्न श्रमिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों ने अपनी बात रखी और केंद्र के मजदूर और मौजूदा केंद्र सरकार के रवैये को भी साफ किया।
वक्ताओं ने कहा कि अच्छे दिन का वादा करके मोदी सरकार देश की सत्ता पर काबिज हुई थीं लेकिन दो साल बाद भी अच्छे दिन नहीं आए और जनता ठगा सक महसूस कर रही है। केंद्र की नीतियों बड़े पूंजीपति तय कर रहे हैं। विदेशी निवेश यहां के बाजार और श्रमिकों को खाने पर तुला है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों और साम्राज्यवादी देशों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है और देश आर्थिक गुलाम होने की ओर अग्रसर हो रहा है।
ये उठी मांगे
प्रदर्शन के दौरान रक्षा, रेल्वे, बैंक, बीमा क्षेत्रों में एफडीआई वापस लेने, बैंकों से हड़पे अरबों रूपए के बकाय कर्जों को वसूलने, निजीकरण, उदारीकरण, भूमंडलीकरण की नतियां बदलने, महंगाई रोक रोजगार देने, श्रमिक विरोधी कानूनों को वापस लेने, आदि की मांगे विशेष रूप से उठी।
ये संगठन रहे शामिल
प्रदर्शन में इंटक, एटक, एमएमएस, सीटू, एआईटीयूसी, टीयूसी, एआईसीसीटीयू, यूटीडीसी, एलपीएफ, केंद्रीय ट्रेड युनियानों से समबद्ध बैंक, बीमा, बीएसएनएल, एमपीएमएसआरयू, एमएमकेपी, डाक कर्मचारी यूनियचन, सर्वहारा मालवाहन संघ, किसान सभा, हाथ ठेला हम्मला यूनियन, पेंशनर्स यूनियन आदि ने सहयोग दिया।