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दो साल से अधूरी पड़ी निर्माणाधीन पुलिया, अब बाढ़ में वैकल्पिक मार्ग भी बहा

आमला-जोबनी मार्ग का मामला, ग्रामीण और विद्यार्थी हो रहे परेशान
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बाढ़ में बही वैकल्पिक पुलिया।

आमला-जोबनी मार्ग पर हजारों लोगों के आवागमन के लिए बनाई गई वैकल्पिक पुलिया तेज बारिश में बाढ़ के कारण बह गई। अब इस मार्ग पर आवागमन के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। ग्रामीणों एवं स्कूली बच्चों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं आपातकालीन सेवाएं भी ठप पड़ गई हैं।


दरअसल, सौंसर विकासखंड में प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के अंतर्गत कुड्डम होते हुए आमला-जोबनी तक सडक़ का निर्माण दो वर्ष पहले हो चुका है, लेकिन आमला-जोबनी मार्ग पर स्थित पुलिया का निर्माण अब तक अधूरा है। इससे लोगों को आवागमन में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कछुआ गति से चल रहे निर्माण के कारण यहां वैकल्पिक पुलिया का निर्माण कराया गया। आवागमन के वैकल्पिक तौर पर बनाई गई पुलिया भी मंगलवार को हुई बारिश से नाले में आई बाढ़ में बह गया। ग्रामीण अलेकश बागडे ने बताया कि पुलिया निर्माण को पूरा करने को लेकर प्रशासन को आवेदन दिया गया था, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। आवागमन के लिए परिवर्तित पुलिया थी, वह भी मंगलवार को बह गई। अब आवागमण में दिक्कतें होगी।


वहीं सामाजिक कार्यकर्ता रॉयल पाटिल ने बताया कि प्रशासन को इस पुलिया का निर्माण जल्द से जल्द पूरा करना चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। पुलिया निर्माण के संबंध में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने ज्ञापन सौंपकर कई बार प्रशासन का ध्यानाकर्षण कराया है।

2023 से चल रहा पुलिया का निर्माण

इस पुलिया का निर्माण वर्ष 2023 से जारी है। 2023 के अंत में आमला-जोबनी मार्ग का डामरीकरण करने के साथ इस पुलिया के निर्माण की भी आधारशिला रखी गई थी। सडक़ का निर्माण हो गया, लेकिन पुलिया अधूरी है। इस दौरान ग्रामीण और स्कूली बच्चों के लिए डायवर्टेड पुलिया का विकल्प था। लेकिन अब इसके बह जाने से इस मार्ग से स्कूल आने जाने विद्यार्थी, किसान और व्यापारी का आवागमन प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया निर्माण को लेकर जनप्रतिनिधियों सहित उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है, लेकिन सुध नहीं ली गई।

इनका कहना है

ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर कई बार शासन-प्रशासन से निवेदन किया गया कि जल्द से जल्द पुलिया निर्माण कराया जाए, ताकि दर्जनभर से अधिक गांवों के ग्रामीणों एवं स्कूली बच्चों को परेशानी न हो।- वंदना वासनिक, सरपंच ग्राम पंचायत आमला

पुल बहने की जानकारी लेंगे। इसकी खामियों को लेकर कर्मचारियों एवं संबंधित ठेकेदार से चर्चा करेंगे।- मनोज चौधरी, महाप्रबंधक, ग्रामीण सडक़ योजना