29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यहां शौचालय तो है लेकिन उपयोग नहीं करने देती नगर परिषद

नगर परिषद की लापरवाही के कारण सार्वजनिक तथा सामुदायिक शौचालयों का लाभ आम लोगों को नहीं मिल पा रहा है। अधिकारियों की लापरवाही एवं निष्क्रियता के कारण सरकार के लाखों रुपए खर्च होने के बाद भी इन शौचालयों पर ताला लगा रहता है।

2 min read
Google source verification
toilet

toilet

छिंदवाड़ा/परासिया. सरकार नगरीय क्षेत्र को खुले में शौच मुक्त करने तथा सार्वजनिक शौचालयों की स्थापना के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत बड़ी धन राशि नगरीय संस्थाओं को उपलब्ध करा रही है, लेकिन मैदानी हकीकत कुछ और ही है। नगर परिषद की लापरवाही के कारण सार्वजनिक तथा सामुदायिक शौचालयों का लाभ आम लोगों को नहीं मिल पा रहा है। अधिकारियों की लापरवाही एवं निष्क्रियता के कारण सरकार के लाखों रुपए खर्च होने के बाद भी इन शौचालयों पर ताला लगा रहता है। जिसके कारण आम लोग परेशान होते हैं।
नगर परिषद बरकुही में सार्वजनिक दो शौचालयों का निर्माण कराया गया है। पुरानी नगरपालिका भवन तथा मिशन हायर सेकंडरी स्कूल परिसर में शौचालय बनाए गए हैं। इन दोनों स्थानों के लोकेशन को लेकर पहले भी लोगों ने आपत्तियां जताई थी।
पुरानी नगर पालिका भवन शहर के भीतर है और परिसर के अंदर है जिसके कारण आम लोगों को इसका लाभ नहीं मिलता है। यहां भी ताला लगा रहता है। उपयोग के समय इसका ताला खोला जाता है। दूसरा शौचालय शहर के बाहर स्थित मिशन हायर सेकंडरी स्कूल के परिसर के अंदर बनाया गया है। उपयोगिता की दृष्टि से इसका कोई ज्यादा उपयोग नहीं होने से हमेशा ताला लगा रहता है। कार्यक्रम अथवा सार्वजनिक उत्सव के दौरान इसका ताला खुलवाया जाता है। किशोर मसीह कहते हैं कि सार्वजनिक शौचालय निर्माण स्थल का चयन गलत जगह किया गया।
नियमानुसार सार्वजनिक शौचालय 24 घंटे खुले रहना चाहिए और इसमें सारी व्यवस्थाएं होनी चाहिये। मुख्य नपा अधिकारी बरकुही ने 29 दिसंबर 2021 को अधिसूचना जारी करते हुए स्वच्छ भारत मिशन अंर्तगत शहरी क्षेत्र में स्थित सार्वजनिक सामुदायिक शौचालयों के लिए सर्विस लेबल बैच मार्क निर्धारित किये थे। जिसमें शौचालय का 24 घंटे खुले रहना, 24 घंटे पानी की व्यवस्था, सफाई कर्मी के लिए साबुन, फिनाइल, डस्टबिन, मीपिंग, ग्लब्स, जूते, एप्रिन, झाडू अनिवार्य बताया है।

सार्वजनिक शौचालय का निर्माण स्थल का चयन गलत था। दोनों शौचालयों की सार्वजनिक उपयोगिता नहीं है। नगर में बाजार, खेल मैदान, अस्पताल जैसी जगह है जहां इसकी अधिक जरूरत थी, महिलाओं को अधिक परेशानी होती है।
मुनीराज इंदौरकर, पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत बरकुही

नगर परिषद के अधिकारियों की लापरवाही तथा मनमर्जी के कारण दोनों सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण अनुपयोगी स्थान पर किया गया है। इसके अलावा इन शौचालयों में ताला लगा रहता है और नियमानुसार व्यवस्थाओं का भी अभाव है।
अमूल राव, पूर्व पार्षद सांसद प्रतिनिधि नप बडक़ुही

Story Loader