
These challenges to Dean getting started in a medical college
छिंदवाड़ा. एमसीआइ के निरीक्षण में पहली बार पिछडऩे के बाद अब मेडिकल कॉलेज छिंदवाड़ा में नवीन चिकित्सा शैक्षणिक सत्र २०१९-२० की तैयारी के लिए डीन समेत उनकी टीम पूरे जोर-शोर से जुट गई है। अगस्त-सितम्बर में एमसीआइ के सम्भावित निरीक्षण को लेकर सोमवार को डीन डॉ. तकी रजा ने चिकित्सकों की मैराथन बैठक ली तथा विभिन्न निर्देश दिए। साथ ही निर्माणाधीन स्थल टीबी सेनेटोरियम व जिला अस्पताल की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान डॉ. रजा ने दावा किया कि एमसीआइ की टीम इस बार निरीक्षण में पूरी संतुष्ट होगी। इसके लिए उन्होंने आवेदन भी कर दिया है।
शासन और उनके बीच चल रहे गतिरोध के संदर्भ में कुछ नहीं कहा। विभागीय आदेश का हवाला देते हुए डॉ. रजा ने पदभार ग्रहण किया। उनके साथ ही खंडवा, रतलाम व जबलपुर भेजे गए समस्त डॉक्टरों ने पदभार सम्भाला। इस दौरान उन्होंने बताया कि शासन से मिलने वाली एलओपी (लेटर ऑफ परमिशन) के हिसाब से बिल्डिंग तैयार है और फर्नीचर, इक्यूपमेंट भी अगस्त तक आ जाएंगे। ऑर्डर दिए जा चुके हैं। पिछली बार एमसीआइ की टीम के न आने के संदर्भ में उन्होंने बताया कि उस समय तक बिल्डिंग तैयार नहीं थी। चूंकि निर्माण कार्य अन्य नवीन मेडिकल कॉलेजों की अपेक्षा देरी से शुरू हुआ था।
जल्द पूरा होगा स्टाफ
एमसीआइ के निरीक्षण और एलओपी के लिए आवश्यक स्टाफ की फिलहाल कमी बताई गई है। इसे अगस्त तक पूरा करने का दावा भी किया गया है। डॉ. रजा ने बताया कि वर्तमान में १६ प्रतिशत स्टाफ की कमी है। इसमें १४ एसआरए तथा अन्य स्टाफ शामिल हैं।
प्रतिदिन 1200 मरीज
मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध जिला अस्पताल में प्रतिदिन मरीजों की ओपीडी तथा आईपीडी की संख्या महत्व रखती है। छिंदवाड़ा अस्पताल में प्रतिदिन औसत 1200 मरीज ओपीडी में आते हैं तथा दस फीसदी मरीज भर्ती होते हंै। यह आंकड़ा काफी प्रभावी है।
आएंगी नई मशीनें
वर्तमान में जिला अस्पताल में 500 एमए की एक्स-रे मशीन संचालित है, लेकिन मेडिकल कॉलेज के हिसाब से शीघ्र ही 600 एमए एक्स-रे तथा दो सोनोग्राफी की मशीन स्थापित होगी। इसके अलावा पैथालॉजी, बायोकैमेस्ट्री सहित अन्य आधुनिक लैब स्थापित होंगे।
खंडवा, रतलाम, दतिया को कैसे मिल गई मान्यता
मेडिकल कॉलेज छिंदवाड़ा का वर्तमान में लगभग 95 प्रतिशत कार्य एमसीआइ के मानकों के आधार पर पूरा हो गया है। इसके बावजूद छिंदवाड़ा को छोड़ खंडवा, रतलाम, दतिया को पहले एलओपी कैसेे मिली। इस सवाल पर डॉ. रजा ने बताया कि शिवपुरी और छिंदवाड़ा में कार्य देरी से शुरू हुआ, जबकि उक्त जिलों में कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
Published on:
31 Jul 2018 11:17 am
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