छिंदवाड़ा में कृषि-उद्यानिकी महाविद्यालय
छिंदवाड़ा. जिले में बनने वाले हार्टिकल्चर और एग्रीकल्चर महाविद्यालय की बिल्डिंग का नक्शा अभी फाइनल नहीं हुआ है। भोपाल में इस संबंध में देश के वास्तुविदों और अर्किटेक्चरों के साथ दो दौर की बातचीत हो चुकी है। मिली जानकारी के अनुसार कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ छिंदवाड़ा कालेज के अधिकारियों की उपस्थिति में भोपाल के निर्माण भवन में दो बैठकें भी हो चुकी है। जिसमें महाविद्यालयों की बिल्डिंगों को किस तरह बनाया जाए और उनका डिजाइन कैसा रहे इसपर चर्चा की गई है। सरकार अब इस पर कब तक निर्णय लेती है यह देखना है। गौरतलब है छिंदवाड़ा में बहुप्रतिक्षित कृषि और उद्यानिकी महाविद्यालय की घोषणा इसी वर्ष की गई है। सरकार ने इन दोनों महाविद्यालयों के लिए 90 हैक्टेयर जमीन भी तय कर दी है। 40 हैक्टेयर में उद्यानिकी और 50 हैक्टेयर में कृषि महाविद्यालय की बिल्डिंग के लिए उपलब्ध कराई गई है। इसके लिए 140 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि भी सरकार ने स्वीकृत कर दी है। उद्यानिकी महाविद्यालय तो शुरू भी हो चुका और वर्तमान में चंदनगांव स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र में 75 विद्यार्थियों का पहला बेच यहां अध्ययन भी करने लगा है।
दोनों कालेज एक ही कैम्पस में लगाने पर चर्चा
बिल्डिंग के निर्माण के पहले कई पहलुओं पर विचार कर इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। कालेज प्रशसकों का कहना है कि कालेज उच्चस्तर का बने और जगह का पूरा सदुपयोग हो इस परभी विचार विमर्श चल रहा है इसके बाद ही अंतिम निर्णय होगा। हार्टिकल्चर कालेज के डीन डा वीके पराडकर ने बताया कि कोशिश की जा रही है कि दोनों महाविद्यालयों में अध्ययन के कैम्पस एक ही जगह पर रहे। दो कैम्पस में से एक पूरी तरह अध्ययन के लिए रिजर्व रहे और दूसरा कैम्पस प्रशासनिक भवन के रूप में बनाया जाए ताकि इसके संचालन में आसानी हो सके। दोनों बिल्डिंगों के बीच की जगह को कारीडोर के रूप में बनाने की बात कही जा रही है ताकि जगह का ज्यादा से ज्यादा उपयोग हो सके।
10 से ज्यादा समूहों ने ली है रुचि
छिंदवाड़ा में दोनों कालेजों के भवन के लिए देश भर से वास्तुविदों और निर्माण फर्मों ने रुचि दिखाई है। गुजरात, दिल्ली, मुुंबई के दस से ज्यादा आर्किटेक्चरों ने अपने प्रेजेंटेशन भोपाल में आकर दिए हैं। जानकारी के अनुसार कुछ फर्मों में मिलकर भी इसे बनाने की बात कही है। इधर दो बार की चर्चा के बाद छह-सात फर्मों की विस्तृत जानकारी सरकार के पास भेज दी है।