
UP IAS PCS Transfer
छिंदवाड़ा.राज्य शासन ने हाल ही में स्थानांतरण नीति 2021 की कंडिका 9 में संशोधन करते हुए ट्रांसफर में विभागीय मंत्रियों को पावरफुल बना दिया है। इसके तहत इन मंत्रियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के सरकारी सेवकों के तबादला अधिकार दे दिए गए हैं। ये प्रतिबंधित अवधि में भी तबादला कर सकेंगे। इस आदेश के आने के बाद विभागीय अधिकारियों में अपने स्थानांतरण को लेकर सुगबुगाहट देखी जा रही है। वे अपनी पसंदीदा जगह जाने के जुगाड़ में भी लग गए हैं। उन्हें भोपाल से जारी होनेवाली विभागीय स्थानांतरण सूची का इंतजार हैं।
देखा जाए तो पिछले वर्ष 2024 में लोकसभा चुनाव होने के बाद से ही प्रशासन में तबादलों की सुगबुगाहट थी। हर अधिकारी-कर्मचारी की जुबां पर राज्य शासन की तबादला नीति का इंतजार बना रहा। वजह यह है कि एक दर्जन से अधिक सरकारी विभागों में इस समय विभागीय अफसरों की कुर्सियां खाली पड़ी है, जिन्हें प्रभारियों के भरोसे चलाया जा रहा है। लम्बे समय से नए अधिकारियों की नियुक्तियां नहीं हो पा रही है। हर बार अधिकारी राज्य मंंत्रिपरिषद की बैठकें होने का इंतजार करते हैं, जहां यह विषय नहीं आ पा रहा है।
आम तौर पर हर साल जून-जुलाई में राज्य शासन के विभागों में स्थानांतरण की परम्परा रही है। छह माह भी धीरे-धीरे बीत गए। जनवरी में राज्य शासन की ओर से स्थानांतरण नीति 2021 की एक कंडिका में परिवर्तन किया गया है। राज्य सरकार की ओर से हाल ही में प्रथम श्रेणी के आइएएस अफसरों के तबादले किए गए। इसके नीचे के अधिकारी-कर्मचारियों के स्थानांतरण नहीं किए गए हैं। इससे हर विभाग में इसकी चर्चा होने लगी है।
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लम्बे समय से जिले में खाली पड़े प्रमुख पद
जिले की विडम्बना यह है कि पिछले एक साल से जिला मुख्यालय में पीएचई, जल संसाधन, सहकारी बैंक, ग्रामीण यांत्रिकी, महिला बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग में स्थायी विभागीय अधिकारी के पद खाली पड़े हैं। पांढुर्ना को जिला जरूर बनाया गया है लेकिन विभागीय अधिकारी पदस्थ नहीं किए गए हैं। उसे छिंदवाड़ा के अधिकारी देख रहे हैं। हर किसी को तबादले की प्रतीक्षा है। जिससे इन पदों को भरा जा सकता है।
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ज्यादातर प्रभारी अधिकारी देख रहे कामकाज
जिले में देखा जाए तो पीएचई से लेकर जल संसाधन तक हर विभाग में प्रभारी अधिकारी है। पीएचई विभाग परासिया डिवीजन के कार्यपालन अधिकारी केएस कुशरे के पास छिंदवाड़ा डिवीजन का प्रभार है। सीएमएचओ पद भी डॉ.एनके शास्त्री के पास है। जिले की 13 तहसीलों में इस समय अधिकांश में प्रभारी तहसीलदार और नायब तहसीलदार है, जिनके भरोसे प्रशासनिक कामकाज के अलावा कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी है। जल संसाधन, महिला बाल विकास, नगरीय प्रशासन, पीजी कॉलेज और सहकारी बैंक में भी लम्बे समय से विभागीय अधिकारी नहीं है। उन्हें प्रभारी अधिकारी देख रहे हैं। कर्मचारियों के मुताबिक लम्बे समय से प्रदेश में अधिकारी-कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं होने से समस्या आ रही है। जिसे प्रभारी अधिकारी के भरोसे चलाया जा रहा है।
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Published on:
31 Jan 2025 11:59 am
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