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Tribal Museum: देश का गौरव बनेगा बादलभोई आदिवासी संग्रहालय, खूबियां ऐसी कि लोग खिंचे चले आएंगे

- जिले के साथ आएंगे देश-प्रदेश के पर्यटक - छह गैलरी में दिखेगी स्वतंत्रता संग्राम के आदिवासी नायकों की गाथा

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Tribal Museum

सांसद सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बादल भोई जनजातीय संग्रहालय का निरीक्षण किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल ही सही बादलभोई राज्य आदिवासी संग्रहालय का लोकार्पण कर छिंदवाड़ा का मान बढ़ा दिया है। करीब 40.69 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित इस म्यूजियम को देखने न केवल छिंदवाड़ा शहर, बल्कि देश-प्रदेश से भी पर्यटकों का समूह आएगा। इससे स्वतंत्रता संग्राम आदिवासी नायकों की गाथा दूर-दूर फैलेगी।
इस संग्रहालय भवन में जनजातीय संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम की कहानियों को प्रदर्शित करने के लिए छह गैलरियों का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त, यहां एक कार्यशाला कक्ष, एक लाइब्रेरी, कार्यालय के लिए स्थान, 800 दर्शकों की क्षमता वाला ओपन एयर थिएटर, शिल्प बाजार (शिल्पग्राम) और एक ट्राइबल कैफेटेरिया भी है। इस गैलरी में स्वतंत्रता संग्राम के आदिवासी नायकों रानी दुर्गावती, बादलभोई, भगवान बिरसा मुण्डा समेत गोंड राजाओं के शौर्य का वर्णन किया गया है। कोई भी आदिवासी जब इस संग्रहालय को देखेगा तो अपनी संस्कृति और इतिहास पर गर्व करेगा। बता दें कि छिंदवाड़ा, पांढुर्ना जिले की 23.74 लाख आबादी में 37 फीसदी आदिवासी है। इस वजह से केन्द्र सरकार ने इस आदिवासी संग्रहालय का निर्माण किया है। आदिवासी समुदाय के हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। कई लाभार्थियों को चेक और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

बच्चों संग थिरके सांसद व महापौर

आयोजन में आदिवासी संस्कृति को समर्पित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। नृत्य, नाटक और संगीत के माध्यम से आदिवासी जीवनशैली और परंपराओं को दर्शाया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में सांसद साहू, महापौर अहके व अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा बच्चों के साथ भाव विभोर होकर नृत्य किया।

आदिवासी सम्मान का प्रतीक संग्रहालय- साहू

पोला ग्राउण्ड पर आयोजित जनजातीय दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद विवेक बंटी साहू ने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की। बादल भोई जनजातीय संग्रहालय उन बलिदानों की याद दिलाने और उनकी विरासत को संरक्षित करने का एक महान प्रयास है। कहा कि बादल भोई जनजातीय संग्रहालय आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। महापौर विक्रम अहके ने इस ऐतिहासिक पल को याद किया। कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने देश के लिए जो संघर्ष किए उन्हें भुलाया नहीं जा सकता। अमरवाड़ा विधायक कमलेश प्रताप शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जनजातीय संग्रहालय का लोकार्पण गर्व की बात है। यह संग्रहालय आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को स्मरण करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।

जनजातीय संग्रहालय का किया निरीक्षण

सांसद सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बादल भोई जनजातीय संग्रहालय का निरीक्षण किया। संग्रहालय में आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों की संघर्षपूर्ण कहानियों को दिखाया गया है। कार्यक्रम में जिला आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य शेषराव यादव, पूर्व विधायक पंडित रमेश दुबे व नथन शाह कवरेती, दिनेश कुमार अंगारिया, कांता ठाकुर, एसपी मनीष खत्री, उप संचालक कृषि जितेन्द्र कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी उपस्थित हुए।