
जुन्नारदेव. आदिवासी अंचल में आयोजित होने वाले विवाह समारोह में अब यह सुश्चित कर लिया जाना चाहिए कि अपने क्षेत्र में किसी भी प्रकार का बाल विवाह नहीं होना चाहिए।
मध्य प्रदेश सरकार के लाड़ो अभियान 2018 के अंतर्गत जिले में बाल विवाह प्रतिषेध का संकल्प प्रत्येक सामाजिक व्यक्ति को करना आवश्यक है। जिले के समस्त आमजन और सामाजिक संगठन का दृढ़ संकल्पित होकर सामने आना जरुरी है उक्त आशय बात जिला कलेक्टर जेके जैन ने कही है। आदिवासी विकासखंड के ग्राम पंचायत कटकुई और गोरखघाट में संपन्न हो रहे बाल विवाह को प्रशासन ने मौके पर पहुंच कर तत्काल रोक दिया था। इस संदर्भ में एसडीएम सहित पुलिस अमले के साथ महिला सशक्तिकरण विभाग के अधिकारी ने स्थल पंचनामा भी किया गया है। इन दोनों प्रकरणों पर अग्रिम कार्रवाई के लिए जिला कलेक्टर को प्रकरण अग्रेषित किया था।
आदिवासी अंचल में बड़ी कुरीति के रूप में फैल चुका बाल विवाह और दहेज समस्या का निदान करने के लिए आमजन और सामाजिक संगठनों का सरोकार आवश्यक है। इसके लिए जहां एक और इसके उन्मूलन के लिए प्रशासन प्रचार-प्रसार करेगा। महिला सशक्तिकरण अधिकारी सीमा पटेल ने यह भी जानकारी दी कि समाज में व्याप्त दहेज और बाल विवाह जैसी घृणित कुरीति से निपटने के लिए आम जनता और समाज में जागरुकता आवश्यक है। विवाह समारोह में शामिल होने वाले प्रत्येक टेंट सप्लायर, बैंडबाजा, हलवाई, घोड़ी, मंगल भवन, प्रिंटिंग प्रेस संचालक सहित विवाह समारोह को संपादित करने वाले आचार्य और पंडित वर्ग से भी इस समस्या के निदान करने कहा गया है।
सीमा पटेल का यह भी कहना है कि अपनी 18 वर्ष से कम आयु वर्ग की लाड़ली बिटिया का विवाह जबरन कराए जाने वाले परिवार या संबंधितों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत कार्रवाई कराने का भी प्रावधान है। इसीलिए आवश्यकता है कि आमजन जागरूक होकर इस अधिनियम का उल्लंघन ना करें। इन समस्याओं की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने वाले को विभाग द्वारा नगद पुरुस्कार प्रदान कर प्रोत्साहित भी किया जाएगा।
लापरवाही पर होगी कारवाई
जुन्नारदेव विकासखंड की महिला सशक्तिकरण अधिकारी सीमा पटेल ने बताया कि समूचे विकासखंड क्षेत्र में बाल विवाह को रोकने के लिए विशेष मुहिम चलाई जा रही है। जिसके तहत विभाग के शौर्य दल और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को अपने-अपने क्षेत्र में नजर रखने की हिदायत दी गई है। बावजूद इसके यदि उनके क्षेत्र में बाल विवाह का होना पाया जाता है तब उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। बाल विवाह से जुड़े विधिक प्रावधानों की जानकारी देते हुए महिला सशक्तिकरण अधिकारी सीमा पटेल ने बताया कि इस कुरीति को रोकने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति से सरकार अपेक्षा रखती है। बाल विवाह जैसे कुरीति को फैलाने वाले लोगों के खिलाफ विधान में 2 साल की कैद का नियम है। इसीलिए जनता की भी यह महती भूमिका होनी चाहिए कि वह बाल विवाह को रोकने में सरकार के प्रयासों में सहयोग करें।
Published on:
01 May 2018 05:46 pm
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