
चलित पशु चिकित्सा वाहन।
नए टायर नहीं मिलने से छिंदवाड़ा और पांढुर्ना जिले में पशु चिकित्सा मोबाइल वाहन सेवा लडखड़़ा गई। है। इससे पशुओं को 24 घंटे उपचार सेवा नहीं मिल पा रही है। दोनों जिलों में कुल 12 मोबाइल वाहन दिए गए हैं। इनमें से सात वाहनों के टायर घिस चुके हंै और स्टेपनी भी नहीं बची है। इससे चालक और चिकित्सक सेवा सुचारू रख पाने में असमर्थता जता रहे हैं। इनके साथ कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
पांढुर्ना मुख्यालय में शासन से मिले एक वाहन के दो टायर पिछले महीने से ही जवाब देने लगे थे। इसके बाद भी चालक और चिकित्सक जान हथेली पर रखकर अपनी सेवा दे रहे थे। तीन दिन पहले बनगांव में टायर फट जाने के बाद चालक और चिकित्सक के जान पर बन आई थी। इसी तरह गुुरुवार दोपहर को फिर एक बार टायर पंक्चर हो गया था, जिसके बाद धक्का मारकर वाहन को सुधारा जा सका। चालक के अनुसार उनके पास स्टेपनी भी नहीं, जिससे दूसरा विकल्प मानकर वाहन चलाया जा सके। पांढुर्ना के साथ ही छिंदवाड़ा जिले के भी यहीं हाल है। यहां अमरवाड़ा, जुन्नारदेव, तामिया, चौरई और छिंदवाड़ा मुख्यालय व ग्रामीण में चिकित्सा सेवा मोबाइल वाहन से मिलना बंद हो चुकी है।
वाहन चालकों को 20 हजार किमी चलने पर तीन टायर दिए गए थे। अब वाहन लगभग 34 हजार किमी से अधिक चल चुके हैं। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोनिया परते ने बताया कि उन्होंने कलेक्टर को समस्या से अवगत कराया है, साथ ही टायरों की मांग भी की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पशु चिकित्सा मोबाइल वाहनों की संख्या बढ़ाने को लेकर घोषणा की थी। इस घोषणा के अनुसार नया जिला पांढुर्ना को दो चिकित्सा वाहन मिलना चाहिए, जिससे पशु पालकों को सुविधा मिले और पशु पालन को बढ़ावा मिल सके।
पशु चिकित्सा चलित वाहनों के टायर कलेक्टर ने स्वीकृत कर दिए हैं। जल्द ही वाहनों का सुधार कर दिया जाएगा। उसके बाद उन्हें संचालित किया जाएगा। - डॉ.एचजीएस पक्षवार, उपसंचालक पशु पालन एवं डेयरी
Updated on:
21 Mar 2025 12:02 pm
Published on:
21 Mar 2025 11:43 am

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