प्रशिक्षण के बाद भी शुरू नहीं हुई सेवाएं
छिंदवाड़ा। इमरजेंसी की स्थिति में भी मरीजों को उपचार के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। शासन के निर्देश पर 108 तथा अस्पताल कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिए जाने के बाद भी सेवाएं अब तक शुरू नहीं हुई है। रविवार शाम को ऐसा ही एक मामला सामने आया है। इसमें गांगीवाड़ा के समीप ग्राम से एक गर्भवती महिला को इमरजेंसी में 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन प्री-कॉल सेवाएं शुरू नहीं होने से मरीज को काफी देर तक डॉक्टर नहीं मिला, जबकि स्थिति को देखते हुए तत्काल उपचार दिया जाना था।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत छिंदवाड़ा समेत प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्री-कॉल सर्विस शुरू किया जाना है। इसके तहत इमरजेंसी की स्थिति में मरीज को जिस भी चिकित्सा संस्था में लाया जाएगा, इसकी सूचना एंबुलेंस कर्मियों को देनी होगी। इसके बाद संबंधित संस्था में विषय विशेषज्ञ डॉक्टर, स्ट्रेचर, वार्ड ब्वाय तथा आवश्यक तैयारी एंबुलेंस के पहुंचने से पूर्व की जाएगी तथा मरीज के पहुंचते ही तत्काल उपचार प्रक्रिया शुरू कर दिया जाना है।
दोबारा प्रशिक्षण की हो रही तैयारी -
बताया जाता है कि प्री-कॉल सेवा के लिए एक बार फिर से कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिए जाने की तैयारी की जा रही है। 108 जिला प्रबंधक प्रभजोत सिंह ने बताया कि उक्त कार्यक्रम के लिए एक फेक कॉल आइडी जनरेट की जाएगी तथा डोमेस्टेशन के माध्यम से पूरी प्रक्रिया समझाइ जाएगी। प्रशिक्षण स्टाफ नर्स, 108 कर्मी तथा सीएचसी, पीएचसी के कर्मचारियों को दिया जाएगा।
फैक्ट फाइल -
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले में सोलह 108, जननी एक्सप्रेस 24 तथा बिछुआ, हर्रई, जुन्नारदेव, तामिया में मेडिकल मोबाइल यूनिट संचालित है। इसके अलावा अन्य माध्यमों से भी मरीजों को अस्पताल लाया जाता है।