आगामी दिनों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना
छिंदवाड़ा. तीन से चार दिन मानसून सक्रिय होने के बाद अब मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मंगलवार को अधिकतर समय दिन में बादलों का डेरा रहा। बादलों के ओट से कई बार सूर्य देवता ने दर्शन दिए। कुछ क्षेत्रों में बूंदाबादी भी हुई। अधिकतम तापमान 32.3 डिसे एवं न्यूनतम तापमान 23.6 डिसे रिकॉर्ड किया गया। मौसम में आए इस बदलाव की वजह से सर्दी, जुखाम के मरीज बढ़ गए हैं। डॉक्टर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। मौसम विभाग ने 13 से 17 सितम्बर तक मौसम का पूर्वानुमान भी जारी किया है। जिसके अनुसार इस दौरान घने बादल रहने एवं मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान गरज-चमक के साथ आंधी भी चल सकती है। अधिकतम तापमान 29-30 डिग्री सेन्टीग्रेट एवं न्यूनतम तापमान 21-22 डिग्री सेन्टीग्रेट के मध्य रहने की संभावना है। अधिकतम सापेक्षित आद्र्रता 90-96 प्रतिशत एवं न्यूनतम सापेक्षित आद्र्रता 75-84 प्रतिशत रहने की संभावना है। आने वाले दिनों में हवा पश्चिम तथा उत्तर-पश्चिम दिशाओ में बहने एवं 13-18 किमी प्रति घंटे की गति से चलने की संभावना है।
किसानों को दी गई यह सलाह
अगले पांच दिनों में मौसम को देखते हुए फसल अनुसार किसानों को सलाह दी गई है। अगेती मटर व आलू की बुबाई मौसम साफ होने तक न करने एवं
जहां पर दलहनी, तिलहनी एवं सब्जिओं वाली फसल लगाई गई है वहां उचित जल निकासी की व्यवस्था करने को कहा गया है। वर्तमान समय में मक्के की फसल पुष्पन अवस्था (छावर निकलने) में है। मौसम खुलने के बाद बतर मिलते ही नत्रजन धारी उर्वरकों का अंतिम प्रयोग कतारों में करने को कहा गया है।
मक्के की फसल में रोगों से बचाव की सलाह
कई क्षेत्र में मक्के की फसल में अधिक नमी हो जाने के कारण सीथ ब्लाइट रोग लग रहा है। इसकी रोकथाम हेतु किसानों को कार्बेन्डाजिम या प्रोपिकोनाजोल पानी में मिलकर तने में अच्छी तरह से छिडक़ाव करने की सलाह दी गई है। वहीं कुछ क्षेत्र में मक्के की फसल में अधिक नमी हो जाने के कारण तना गलन (स्टेम रॉट) रोग के चपेट में है। इसकी रोकथाम हेतु किसानों को खेत में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने, अधिक मात्रा में नत्रजन ऊवरक का उपयोग न करने की सलाह दी गई है।
मक्का फसल में फॉल आर्मी वर्म कीट का प्रकोप की संभावना है। ऐसी जगह फसल की सतत निगरानी करने, खेत में फॉल आर्मी वर्म कीट
का प्रकोप होने पर दवा का छिडक़ाव करने को कहा गया है।
जिले में अभी तक 966.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज
जिले की औसत वर्षा 1059 मिमी है। अभी तक 966.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि गत वर्ष इस अवधि तक 1387.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई थी। जिले में 12 सितम्बर को सुबह 8 बजे समाप्त 24 घंटों के दौरान 0.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। मोहखेड़ में 1.3, तामिया में 3, परासिया में एक, जुन्नारदेव में 5.2 और उमरेठ में 1.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। जिले में एक जून से अभी तक तहसील छिंदवाड़ा में 907.6, मोहखेड़ में 904.7, तामिया में 1553, अमरवाड़ा में 914.1, चौरई में 725.6, हर्रई में 1108.8, सौंसर में 842.8, पांढुर्णा में 703.4, बिछुआ में 682, परासिया 1220.3, जुन्नारदेव में 1071.6, चांद में 821.7 और उमरेठ में 1109.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है।