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छिंदवाड़ा. पुलिस हर कदम पर अपनी भूमिका पूरी तरह से निभा रही है। आम नागरिक की सुरक्षा को लेकर हर कदम पर गम्भीर भी है, यही वजह है कि कोरोना की दूसरी लहर से लेकर अगस्त माह के वर्तमान दिन तक मॉस्क नहीं पहनने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है, लेकिन आम लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने कोरोना संक्रमण के दौरान मॉस्क को लेकर खूब कार्रवाइयां की। वर्तमान में भी यह मुहिम जारी है, लेकिन इस बीच हेलमेट को लेकर पुलिस कम सख्त रही। इस बात की पुष्टि पुलिस के आंकड़ों से ही हो रही है। जनवरी से अगस्त तक जहां पुलिस ने कुल १२ हजार ५५७ के चालान बनाए तो वहीं मॉस्क को लेकर १ अप्रैल से१६ अगस्त के बीच ४३ हजार ३५६ लोगों के चालान काटे गए हैं। पुलिस की यह कार्रवाई भी आम लोगों की सुरक्षा को लेकर ही की गई, लेकिन इस बीच आम लोग अपनी जिम्मेदारी भूल गए और उन्होंने हेलमेट से दूरी बना ली। हालांकि पुलिस का कहना है कि जिला मुख्यालय को छोड़कर शहर के बाहर हाइवे पर पुलिस हेलमेट को लेकर कार्रवाई कर रही है, लेकिन हकीकत यह है कि इस वक्त हाइवे पर भी किसी तरह की कार्रवाई हेलमेट को लेकर नहीं की जा रही है। मॉस्क के साथ हेलमेट को लेकर भी पुलिस की सख्त अब आवश्यक हो चुकी है, क्योंकि कोरोना से बचाव के लिए जितना आवश्यक हेलमेट है उतना ही आवश्यक जान बचाने के लिए हेलमेट भी जरूरी है।
आम लोगों का जागरूक होना बहुत जरूरी
चाहे बात हेलमेट की हो या फिर मॉस्क लगाने की। दोनों के लिए आम लोगों का जागरूक होना बहुत आवश्यक है, क्योंकि पुलिस कार्रवाई केवल आम लोगों को सुधारने के मकसद से करती है। इसके बाद भी पुलिस की थोड़ी सी नरमी के बाद आम लोग अपनी सुरक्षा को भूल जाते हैं। पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल का कहना है कि मॉस्क को लेकर अप्रैल से १६ अगस्त के बीच में ४३ हजार ३५६ बगैर मॉस्क के पकड़े गए जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई। बात हेलमेट की करें तो शहर के बाद हाइवे पर कार्रवाई जारी है। पुलिस अपने स्तर पर लगातार आम लोगों की सुरक्षा को लेकर गम्भीर है।
Published on:
21 Aug 2021 11:33 am
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