सीएम राइज विद्यालय बनने से इस साल अधिकांश विद्यार्थियों को कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं में प्रवेश के लिए भटकना पड़ सकता है। सीएम राइज विद्यालय में पढऩे वाले विद्यार्थियों को हायर सेकंडरी कक्षाओं में प्रवेश के लिए प्राथमिकता दी जाएगी, साथ ही प्राचार्य पर गाइड लाइन के पालन को लेकर दबाव रहेगा।सीएम राइज विद्यालय की कक्षा दसवीं में लगभग 340 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।
छिन्दवाड़ा/पांढुर्ना. सीएम राइज विद्यालय बनने से इस साल अधिकांश विद्यार्थियों को कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं में प्रवेश के लिए भटकना पड़ सकता है। सीएम राइज विद्यालय में पढऩे वाले विद्यार्थियों को हायर सेकंडरी कक्षाओं में प्रवेश के लिए प्राथमिकता दी जाएगी, साथ ही प्राचार्य पर गाइड लाइन के पालन को लेकर दबाव रहेगा।सीएम राइज विद्यालय की कक्षा दसवीं में लगभग 340 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। अब सवाल यह है कि शहर की तीन शासकीय हाईस्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए कक्षा ग्यारहवीं में प्रवेश के लिए क्या विकल्प होगा। शिक्षा अधिकारियों के सामने अभी से यह सवाल खड़ा हो गया है।सीएम राइज के अलावा नगर में तीन सरकारी हाईस्कूल है, जिनमें लगभग डेढ सौ विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। शासकीय सांवरगांव हाईस्कूल में 48, उर्दू हाईस्कूल में 43 और नगर पालिका हाईस्कूल में 46 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इन विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में पढऩे के लिए परेशान होना पड़ सकता है। इस समस्या को हल करने के लिए उन्नयन ही एकमात्र विकल्प है। उन्नयन होने से कक्षा ग्यारहवीं, बारहवीं का विकल्प मिलेगा। वरना प्राइवेट स्कूलों में महंगी पढ़ाई मजबूरी होगी। शहर में अलग शासकीय कन्या हायर सेकंडरी विद्यालय की मांग वर्षों से अधूरी पड़ी हुई है। पूरा भार एकमात्र उत्कृष्ट विद्यालय पर है। यहां वर्तमान में कक्षा ग्यारहवीं की पांच कक्षाएं संचालित हो रही है, लेकिन सीएम राइज के बनने से अब नई गाइड लाइन के हिसाब से प्रवेश मिलेगा। ऐसे में फिर एक बार कन्या हायर सेकंडरी विद्यालय खोले जाने की मांग तूल पकड़ रही है।