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विश्व प्रसिद्ध जामसांवली हनुमान मंदिर में बनेगा सबसे बड़ा बायोगैस संयंत्र

गोबर से बायोगैस संयंत्र का निर्माण हुआ। ज्ञात हो कि संयंत्र से बन रही गैस का उपयोग मंदिर के कार्य में किया जाएगा। जिससे भोजन, प्रसाद, रोशनी की जाएगी।

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World's largest biogas plant will be built in world famous Jamsanwali

World's largest biogas plant will be built in world famous Jamsanwali

छिंदवाड़ा. सौंसर. मप्र शासन पशुपालन विभाग द्वारा वित्तीय सहायता से चमत्कारिक हनुमानमंदिर जामसांवली में जिले के सबसे बड़े बायोगैस संयंत्र का निर्माण कर क्रियांवित किया गया।
मंदिर परिसर के गोशाला में 200 से अधिक गोवंश के पालन से प्राप्त गोबर से बायोगैस संयंत्र का निर्माण हुआ। ज्ञात हो कि संयंत्र से बन रही गैस का उपयोग मंदिर के कार्य में किया जाएगा। जिससे भोजन, प्रसाद, रोशनी की जाएगी। जानकारी में मप्र खादी ग्रामोद्योग आयोग के प्रांतीय निदेशक डॉ. एवी गणवीर, सतीशचंद झा एवं मंदिर कमेटी के प्रशासनिक संचालक देवराव पातुरकर ने बताया कि गैस प्लांट से शुद्ध गोमूत्र एवं अगरबत्ती आदि का निर्माण होगा।

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श्रम, सेवा, सहयोग का लिया संकल्प
छिंदवाड़ा.रामाकोना. राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामाकोना के विशेष शिविर का समापन शनिवार को हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक मुरलीधर राव, विनोद तिवारी एवं विजय आंनद दुबे थे। विशिष्ट अतिथियों में डीडीसी महाविद्यालय के कार्यक्रम अधिकारी रविन्द्र नाफड़े, आईपीएस महाविद्यालय कार्यक्रम अधिकारी रितेश मालवीय, नवाचारी शिक्षक शाहिद अंसारी एवं मोती राम पवार थे।
संस्था के रासेयो कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रकांत नाचनकर ने शिविर के दौरान किए गए श्रमदान कार्यों सहित संपूर्ण शिविर का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। जबकि कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी वंदना गुप्ता सहित स्वयंसेविका रोशनी सिरसे एवं सानिया मंसूरी ने किया।
ज्ञात हो कि 17 फरवरी से प्रारंभ होने वाले इस शिविर में 55 स्वयं सेवक सेविकाओं ने कन्हान नदी पर बोरी बांध बनाया। नदी घाट की सफाई की, स्वच्छता, पर्यावरण आदि के प्रति लोगों को जागरूक किया। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता दिनकर पातुरकर ने रामाकोना की धार्मिक सामाजिकए सांस्कृतिक आध्यात्मिक पृष्ठभूमि से अतिथियों को अवगत कराया।
कार्यक्रम के अंत में समस्त स्वयंसेवक-सेविकाओं सहित नागरिकों ने श्रम, सेवा, सहयोग के सूत्र को जीवन में उतारने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में संस्था प्राचार्य एएच खान, रामाकोना के उपसरपंच अब्दुल कलाम अंसारी, चिंतामन गाढवे, डॉ. गुलाब राव पांडे, पदमाकर ठोसरे, ललित मलिक, नामदेव पाल सहित ग्रामीण जन उपस्थित थे। शिविर को सफल बनाने में नदी महोत्सव समिति के मुरलीधर साखरकरए श्याम राव जैवारए देवराव रूंघेए रामकृष्णा कामठे आदि ने सहयोग प्रदान किया।