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श्रेयांश व प्रियांश हत्याकांड: परत दर परत खुल रही शातिराना साजिश की परतें

बच्चों के पिता से 20 लाख की फिरौती लेने के बाद आरोपियों में से किसी ने ऐशबाजी की तो किसी ने और फिरौती वसूलने का प्लान बनाया

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श्रेयांश व प्रियांश हत्याकांड: परत दर परत खुल रही शातिराना साजिश की परतें

चित्रकूट: पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले तेल व्यापारी बृजेश रावत के जुड़वां बेटों श्रेयांश व प्रियांश के हत्याकांड के बाद गिरफ्त में सभी 6 आरोपियों व गवाहों के हवाले से ऐसे ऐसे खुलासे हो रहे हैं कि इंसानियत को भी शर्म आ जाए. गिरफ्त में आए सभी 6 आरोपियों(पदम् शुक्ला, रोहित द्विवेदी,लकी तोमर,राकेश यादव,पिंटू उर्फ पिंटा व विक्रमजीत) से पूछताछ व गवाहों के बयानात से शातिराना साजिश की परत दर परत खुलती जा रही है. बच्चों के पिता से 20 लाख की फिरौती लेने के बाद आरोपियों में से किसी ने ऐशबाजी की तो किसी ने और फिरौती वसूलने का प्लान बनाया. वारदात के मास्टर माइंड ने तो पूरे फिल्मी स्टाइल में बच्चों को किडनैप कराया और फिर पड़ोसी जनपद बांदा के अतर्रा कस्बे में किराए का कमरा लेकर बच्चों को रखा.

हर कदम एक नई साजिश


तेल व्यापारी बृजेश रावत के जुड़वां बेटों श्रेयांश व प्रियांश की अपहरण के बाद फिरौती लेकर नृशंस हत्या किए जाने के मामले में मध्य प्रदेश पुलिस वारदात में शामिल 6 आरोपियों से जहां पूछताछ कर रही है वहीं अब इस घटना से सम्बंधित गवाहों के बयानात भी दर्ज हो रहे हैं. पुलिस के मुताबिक बच्चों के पिता से 20 लाख की फिरौती लेने के बाद लगभग 5 लाख रुपये लेकर 6 आरोपियों में से एक लकी तोमर इलाहाबाद स्थित एक हॉस्टल में रहने वाले अभिषेक द्विवेदी नाम के अपने दोस्त के पास पहुंचा और कुछ दिन रहने के बाद उसके कमरे में एक बैग छोड़कर चला गया. लकी तोमर को जब पुलिस ने पकड़ा तो यह खुलासा हुआ. निशानदेही पर पुलिस ने उसके दोस्त अभिषेक द्विवेदी के कमरे से बैग बरामद किया जिसमें 4 लाख रुपये पाए गए. पुलिस ने अभिषेक द्विवेदी का बयान दर्ज कर लिया है. दूसरी तरफ वारदात के मास्टर माइंड पदम् शुक्ला ने चित्रकूट के ही एक युवक से पिस्टल खरीदी थी. सूत्रों के मुताबिक पुलिस उस युवक को तलाश कर रही है. मास्टर माइंड पदम् शुक्ला ने बच्चों को अपहरण के बाद पड़ोसी जनपद बांदा के अतर्रा कस्बे के जिस मकान में किराए का कमरा लेकर रखा था उसे उसने मकान मालिक रवि त्रिपाठी से झूठ बोलकर किराए पर लिया था. वारदात के बाद जब मकान मालिक ने उसकी(पदम् शुक्ला) वायरल हुई फोटो देखी तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई. सभी गवाहों के बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज किए गए हैं.


पीड़ित परिवार को शस्त्र लाइसेंस देने की प्रक्रिया शुरू


उधर पीड़ित परिवार को शस्त्र लाइसेंस देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन ने पीड़ित परिवार को अपने अपने स्तर से शस्त्र लाइसेंस देने की प्रक्रिया शुरू की है. मृतक बच्चों के पिता बृजेश रावत ने सतना(मध्य प्रदेश) व चित्रकूट प्रशासन से खुद व गवाहों की सुरक्षा को लेकर शस्त्र लाइसेंस की मांग की है जिसपर प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए औपचारिताएँ पूरी करवा ली हैं लाइसेंस से सम्बंधित.